नयी दिल्ली, 23 मई (भाषा) कंपनियों के तिमाही परिणाम लगभग आ जाने के बाद अब इस सप्ताह शेयर बाजार की चाल कोविड-19 मामले में अद्यतन रिपोर्ट के साथ वैश्विक रुख से तय होगी। यह बात विश्लेषकों ने कही है।

पिछले कारोबारी सप्ताह के दौरान कोविड-19 मामलों में घटने की प्रवृत्ति के साथ मानक सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए। हालांकि टीकाकरण अभियान की धीमी गति चिंता का कारण बनी हुई है।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘नये टीकों के आने के साथ आपूर्ति की स्थिति सुधरेगी। इसके साथ कोविड-19 मामलों में कमी जैसे कारकों से बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि अभी कोई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ा आना नहीं है, अत: बाजार की नजर कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या पर होगी। संक्रमितों की संख्या घटने पर निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।’’

वायदा एवं विकल्प खंड में बृहस्पतिवार को सौंदों के समाप्त होने के बीच शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि निकट भविष्य में वैश्विक रुख बाजार को दिशा देंगे। हाल में बैंक और वित्तीय शेयरों में तेजी उत्साहजनक है और बारी-बारी से अन्य क्षेत्रों में लिवाली से पुनरूद्धार को गति मिलेगी।’’

पिछलो कारोबारी सप्ताह के दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,807.93 अंक यानी 3.70 प्रतिशत मजबूत हुआ।

रिलायंस सिक्योरिटीज के रणनीति प्रमुख विनोद मोदी ने कहा, ‘‘निकट भविष्य में निवेशकों की नजर कोविड संक्रमितों की दैनिक संख्या और टीकाकरण अभियान की गति पर होगी।’’

इस सप्ताह ग्रासिम इंडस्ट्रीज, बीपीसीएल, सन फार्मास्युटिकल्स और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया समेत कुछ बड़ी कंपनियों के वित्तीय परिणाम की घोषणा होने वाली है।

इसके अलावा रुपये में उतार-चढ़ाव, विदेशी संस्थागत निवेशकों की निवेश प्रवृत्ति और ब्रेंट क्रूड के भाव पर भी निवेशकों की निगाह होगी।

भाषा

रमण

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