नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने केंद्र सरकार को उस याचिका पर विचार करने का निर्देश दिया है जिसमें कोविड-19 से मरने वालों के लावारिस शवों को विशेष रूप से गैस वाले शवदाहगृहों में जलाने के लिये नीति बनाने की मांग की गई है।

एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए के गोयल की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा कि उठाया गया मुद्दा मुख्य रूप से प्रशासन की कार्रवाई से संबंधित है जो किसी खास स्थान पर सटीक स्थिति और सभी प्रासंगिक परिस्थितियों को ध्यान में रखे जाने के संदर्भ में है।

पीठ ने कहा, “याचिकाकर्ता ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, पंजाब और हरियाणा राज्य को उनके मुख्य सचिवों को पक्ष बनाकर अभियोजित किया है। हालांकि, इस मामले की प्रकृति को देखते हुए, इस मुद्दे को देश के सभी राज्य व केंद्र शासित प्रदेशों के संबंधित प्राधिकारियों द्वारा देखा जा सकता है।”

पीठ ने कहा, “इसी के अनुरूप, विषय पर कोई राय दिये बगैर, हमारा विचार है कि इस याचिका को इस निर्देश के साथ निस्तारित किया जाए कि इस आदेश की एक प्रति पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड-समितियों और सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को जिलाधिकारियों को ई-मेल के जरिये भेजी जाए कि वे इस पर यथोचित विचार करें।”

भाषा

प्रशांत पवनेश

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