नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) पिछले कुछ समय में लय हासिल करने की कोशिश कर रहे बायें हाथ के स्पिनर कुलदीप यादव को उम्मीद है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में वह जल्द ही अपनी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए मैदान में उतर कर अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

केकेआर को रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के खिलाफ 38 रन से हार का सामना करना पड़ा। तीन मैचों में टीम की दूसरी हार के बाद मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने भी अंतिम 11 में बदलाव करने के संकेत दिये।

आईपीएल में 45 मैचों में 40 विकेट लेने वाले कलाई के इस वामहस्त स्पिनर ने ‘भाषा’ से विशेष बातचीत में कहा , ‘‘अभी सिर्फ तीन मैच हुए है। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही टीम (अंतिम-11) में मौका मिलेगा और मैं अच्छा प्रदर्शन करूंगा। ’’

कुलदीप ने कहा कि टीम से अनुभवी स्पिनर हरभजन सिंह के जुड़ने से उन्हें निजी तौर पर काफी फायदा हुआ और वह मानसिक रूप से मजबूत हुए है।

कलाई के इस स्पिनर ने कहा, ‘‘ भज्जू पा (हरभजन) के टीम से जुड़ने के बाद मुझे काफी कुछ सीखने को मिला है। मैं उनसे कई चीजें पूछता हूं। आपके साथ किसी अनुभवी खिलाड़ी के होने से फायदा होता है। वह मुझे कौशल सुधारने के साथ-साथ मानसिक तौर पर कैसे मजबूत होने के बारे में बताते है ।’’

भारत के लिए सात टेस्ट, 63 एकदिवसीय और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय खेलने वाले कुलदीप ने कहा कि केकेआर पूरी तरह से संपूर्ण है और जल्द ही टूर्नामेंट में वापसी करेगी। फ्रेंचाइजी ने हरभजन के साथ हरफनमौला शाकिब अल हसन को टीम में शामिल कर इसे और मजबूत बनाया है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप हमारी टीम को देखेंगे तो फेंचाइजी ने सभी जरूरतों को पूरी करने की कोशिश की है। टीम में हरभजन सिंह और शकिब अल हसन जैसे अनुभवी खिलाड़ी जुड़े है। हमारी टीम मजबूत है, बल्लेबाजी में भी हमारे पास अनुभव है। हम संपूर्ण टीम की तरह है।’’

पिछले दो मैचों में टीम की हार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुंबई इंडियन्स के खिलाफ उनकी टीम को आराम से मैच खत्म करने की सोच का खामियाजा भुगतना पड़ा।

उन्होंने कहा, ‘‘मुंबई इंडियन्स के खिलाफ हमने मैच को आखिरी तक ले जाने का सोचा था , तो गलत साबित हुआ। सनराइजर्स हैदराबाद ने भी हमारे खिलाफ पहले मैच में यही गलती की थी। हमें लगा था कि आखिर तक मैच को ले जाएंगे तो आसानी से जीतेंगे लेकिन चेन्नई में बाद के ओवरों में बड़ा शॉट खेलना काफी मुश्किल था। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘ चेन्नई की पिच धीमी है और यहां स्पिनरों को मदद मिल रही है। हमें आखिरी ओवरों की मुश्किल परिस्थितों का अंदाजा नहीं था। गेंद रूक कर आ रही थी और नये बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं थी। ’’

केकेआर का अगला मैच तीन बार की चैम्पियन चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ है। कुलदीप ने माना कि चेन्नई की टीम पिछले सत्र के मुकाबले इस बार काफी मजबूत है।

उन्होंने कहा, ‘‘ चेन्नई की टीम इस बार अच्छा करेगी। पिछली बार उनके कुछ खिलाड़ी नहीं थे तो बेहतर संयोजन नहीं बन पाया था लेकिन इस बार उनके पास मजबूत टीम है। सुरेश रैना की वापसी से बल्लेबाजी और दमदार हुई है।’’

कुलदीप ने कहा कि उनकी टीम को घरेलू मैदान नहीं मिलने का भी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘ कोई भी टीम घरेलू मैदान के मुताबिक खिलाड़ियों का चयन करती है। किसी भी टीम को घरेलू मैदान में खेलना रास आता है। हमारी टीम का मजबूत पक्ष बल्लेबाजी है और चेन्नई की पिच काफी धीमी है। ऐसे में रन बनाने में मुश्किल होती है।’’

एकदिवसीय विश्व कप 2019 से पहले टीम के सीमित ओवरों में टीम के नियमित सदस्य रहे कुलदीप ने कहा कि टीम से बार-बार अंदर बाहर होने का असर उनकी फार्म पर पड़ा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ लॉकडाउन के बाद आईपीएल से जब क्रिकेट शुरू हुआ तो मुझे कुछ फ्रेंचाइजी के लिए कुछ मैचों में मौका मिला कुछ में नहीं। टीम चयन का फैसला प्रबंधन का होता है। इसके बाद भारतीय टीम में भी संयोजन के कारण मुझे अधिक मौके नहीं मिले। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सिर्फ एक मैच (एकदिवसीय) में मौका मिला। ’’

कुलदीप ने कहा, ‘‘ भारतीय टीम प्रबंधन उन से चीजों को साफ तौर पर बताया था। आप टीम के लिए खेलते है और संयोजन के मुताबिक प्रबंधन को जो सही लगता वह टीम में जगह पता है। इसमें कुछ सही या गलत नहीं होता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘टीम में बार-बार अंदर बाहर होना खिलाड़ी के लिए मुश्किल होता है क्योंकि इससे उसका लय बिगड़ जाता है। मैं टीम के फैसले का सम्मान करता हूं और मौका मिलने- न मिलने के बारे में ज्यादा नहीं सोचता हूं।’’

ऑस्ट्रेलिया के बाद कुलदीप को इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में एक टेस्ट और दो एकदिवसीय में मौका मिला लेकिन टेस्ट में वह ज्यादा गेंदबाजी नहीं कर सकें और एकदिवसीय में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे।

खेल सामग्री और पोशाक बनाने वाली कंपनी एडिडास की ‘संभावनओं’ से जुड़े नये अभियान का हिस्सा बने कुलदीप ने कहा सकारात्मक सोचने से सपने सच होते है।

उन्होंने कहा, ‘‘ जब मैंने खेलना शुरू किया था तब मेरा सपना जिला स्तर पर खेलना था, फिर राज्य और देश के लिए खेलने का सपना हुआ और ये सारे सपने हकीकत में बदले। ऐसे में कुछ भी संभव है।’’

भाषा

मोना आनंद

नमिता

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