अयोध्या में राम मंदिर शिलान्यास 5 अगस्त को होने वाला है. हालांकि, आयोजन में कुछ वीआईपी मेहमान ही भाग लेंगे. साथ ही आम लोगों से भी ज्यादा भीड़ जमा नहीं करने की अपील की गई है. ऐसे में राम मंदिर आंदोलन के मुख्य नेता भी यहां नहीं पहुंच रहे हैं. राम मंदिर शिलान्यास कार्यक्रम से पहले राम मंदिर आंदोलन के मुख्य नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने देश के लोगों के लिए संदेश दिया है.

उन्होंने कहा है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर का आधारशिला रखना मेरे ही नहीं बल्कि सभी भारतीयों के लिए ऐतिहासिक और भावनात्मक दिन है.

उन्होंने आगे कहा कि, मेरा मानना है कि राम मंदिर सशक्त, संपन्न और सौहार्दपूर्ण राज्य के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा जहां पर सभी को न्याय मिलेगा और कोई अलग-थलग नहीं होगा. भगवान राम विनीत भाव, मर्यादा और शिष्टता के गुणों से युक्त हैं और मेरा मानना है कि यह मंदिर सभी भारतीयों को उनके गुणों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करेगा.

मुझे यह महसूस होता है कि राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान, मैंने 1990 में सोमनाथ से अयोध्या तक राम रथ यात्रा के रूप में एक महत्वपूर्ण कर्तव्य निभाया, जिसने अपने अनगिनत प्रतिभागियों की आकांक्षाओं, ऊर्जा और जुनून को मजबूत करने में मदद की.

बता दें कि, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी कोरोनोवायरस महामारी के बीच स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के मद्देनजर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समारोह में शामिल होंगे. उमा भारती ने कहा है कि वह 5 अगस्त को अयोध्या में होंगी, लेकिन भीड़ से बचने के लिए कार्यक्रम के समापन के बाद राम मंदिर स्थल का दौरा करेंगी.