वेस्टइंडीज के अपने जमाने के दिग्गज क्रिकेटर ब्रायन लारा ने कहा कि ‘बेहतरीन बल्लेबाज’ केएल राहुल को भारतीय टीम में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी नहीं सौंपनी चाहिए और उन्हें अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करने का मौका दिया जाना चाहिए.

लारा का इसके साथ ही मानना है कि ऋषभ पंत पिछले एक साल में काफी परिपक्व हुए हैं और भारत के नंबर एक विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में उनके नाम पर विचार किया जाना चाहिए.

राहुल ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ सीमित ओवरों की श्रृंखला और इस साल के शुरू में भारत के न्यूजीलैंड दौरे के दौरान विकेटकीपर के रूप में शानदार भूमिका निभायी थी. भारतीय टीम ने राहुल के बल्लेबाजी क्रम को लेकर भी प्रयोग किया और इसमें भी वह खरे उतरे.

लारा ने स्टार स्पोर्ट्स के कार्यक्रम ‘क्रिकेट कनेक्टेड’ में कहा, ‘‘सबसे पहले मैं यह कहना चाहूंगा कि जब विकेटकीपिंग की बात आती है तो केएल राहुल पर विकेटकीपिंग का भार नहीं डालना चाहिए.’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह बेहतरीन बल्लेबाज है और मुझे लगता है कि उसे बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और बड़े स्कोर बनाने चाहिए. ’’

राहुल ने इंडियन प्रीमियर लीग में अभी तक पांच मैचों में एक शतक और दो अर्धशतकों की मदद से 302 रन बनाये हैं.

पंत को महेंद्र सिंह धोनी का उत्तराधिकारी माना जा रहा है लेकिन उन्हें अपने करियर के शुरू में लचर विकेटकीपिंग के कारण आलोचना झेलनी पड़ी.

लेकिन लारा का मानना है कि आईपीएल में 171 रन बनाने वाला यह युवा क्रिकेटर पिछले एक साल में परिपक्व हुआ है और दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से खेलते हुए अधिक जिम्मेदारी ले रहा है.

उन्होंने कहा, ‘‘ऋषभ पंत को एक साल पहले मैं न कहता लेकिन मुझे लगता है कि एक बल्लेबाज के रूप में उसने अपनी जिम्मेदारी समझी हैं. वह दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से जिस तरह से खेल रहा है उसे देखकर लगता है कि वह अपनी जिम्मेदारी समझता है. वह रन बनाना चाहता है, पारी संवारना चाहता है. अगर वह ऐसा करना जारी रखता है तो वह नंबर एक होना चाहिए. ’’

संजू सैमसन के बार में लारा ने कहा कि इस 25 वर्षीय क्रिकेटर को अभी थोड़ा सुधार करने की जरूरत है.

लारा ने कहा, ‘‘संजू सैमसन राजस्थान रॉयल्स की तरफ से विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी नहीं निभा रहे है, लेकिन मैं जानता हूं कि वह विकेटकीपिंग कर सकता है. यह उसका मुख्य काम है. वह अच्छा खिलाड़ी है और शारजाह में उसने अच्छी पारियां खेली. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अच्छे गेंदबाजी आक्रमण और जीवंत विकेट पर उसकी तकनीक में थोड़ा खामी है. ’’

धोनी ने इस साल अगस्त में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. उन्होंने भारत की तरफ से 90 टेस्ट, 350 वनडे और 98 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले.