मुंबई, 22 मई (भाषा) राजश्री प्रोडक्शंस की ब्लॉकबस्टर फिल्मों- 'मैंने प्यार किया', 'हम आपके हैं कौन', और 'हम साथ साथ हैं' में अपने काम के लिए जाने जाने वाले दिग्ग्ज संगीत निर्देशक रामलक्ष्मण का हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वह 78 वर्ष के थे।

संगीतकार, जिनका असली नाम विजय पाटिल था, का शनिवार तड़के नागपुर में उनके आवास पर निधन हो गया। उनके बेटे अमर ने यह जानकारी दी।

अमर ने पीटीआई-भाषा को बताया, 'उन्होंने छह दिन पहले कोविशील्ड की दूसरी खुराक ली थी। उस समय कोई समस्या नहीं थी... लेकिन जब वह घर आए तो उन्हें कमजोरी हो गई। उनकी सेहत खराब होने लगी। डॉक्टर उनका घर पर उपचार कर रहे थे। शनिवार तड़के दो बजे के करीब उनका निधन हो गया। उनका हृदय गति रुक गया।'

पाटिल, जिन्हें सिनेमा प्रेमी संगीतकार जोड़ी 'राम-लक्ष्मण' के 'लक्ष्मण' के रूप में जानते हैं, ने मराठी अभिनेता-हास्य अभिनेता दादा कोंडके की 1975 की फिल्म 'पांडु हवलदार' के साथ फिल्मों में अपनी यात्रा शुरू की।

उन्होंने फिल्म के लिए अपने सहयोगी सुरेंद्र के साथ राम-लक्ष्मण नाम से संगीत दिया।

1976 में सुरेंद्र का निधन हो गया, लेकिन पाटिल ने उसी नाम से संगीत रचना करना जारी रखा, इसे थोड़ा बदलकर रामलक्ष्मण कर दिया।

पाटिल ने संगीत की शुरुआती शिक्षा अपने पिता और चाचा से ली। बाद में उन्होंने भातखंडे शिक्षण संस्थान में संगीत का अध्ययन किया।

अपने चार दशक से अधिक लंबे करियर में, उन्होंने हिंदी, मराठी और भोजपुरी में 150 से अधिक फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया और मनमोहन देसाई, महेश भट्ट, जीपी सिप्पी, अनिल गांगुली और सूरज बड़जात्या जैसे प्रसिद्ध फिल्म निर्देशकों के साथ काम किया।

उनकी कुछ अन्य यादगार फिल्में 'एजेंट विनोद', '100 डेज', 'अनमोल', 'तराना', 'पत्थर के फूल' और 'हम से बढ़कर कौन' हैं।

पार्श्व गायिका लता मंगेशकर ने पाटिल को श्रद्धांजलि दी।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'मुझे अभी बहुत ही प्रतिभाशाली रामलक्ष्मण जी (विजय पाटिल) के निधन के बारे में पता चला। मुझे गहरा दुख हुआ है। वह बहुत अच्छे इंसान थे। मैंने उनके द्वारा संगीतबद्ध किए गए कई गाने गाए हैं जो काफी लोकप्रिय हुए। मेरी हार्दिक संवेदना।'

प्रोडक्शन बैनर राजश्री के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने भी रामलक्ष्मण के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

उस पर की गई पोस्ट में लिखा है, 'संगीतकार विजय पाटिल उर्फ प्रतिष्ठित रामलक्ष्मण जोड़ी के ​​​​लक्ष्मण का निधन हो गया। इस कठिन समय में उनके परिवार के प्रति हमारी गहरी संवेदना है। संगीत उद्योग में उनके अपार योगदान के लिए राजश्री उन्हें हमेशा याद रखेगा। उनकी आत्मा को शांति मिले।'

भाषा कृष्ण शाहिद

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