मुंबई, 25 मई (भाषा) अधिकांश राज्यों में लॉकडाऊन लागू होने के साथ, टेलीविजन नेटवर्क पर पिछले साल की ही तरह दर्शकों में पौराणिक कार्यक्रम देखने का झुकाव बढ़ा है। ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बीएआरसी या बार्क) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पिछले साल देशव्यापी लॉकडाऊन के दौरान, रामायण और महाभारत जैसे पौराणिक टीवी शो को फिर से दिखाने से राष्ट्रीय प्रसारक दूरदर्शन को काफी फायदा हुआ था और दर्शकों की रेटिंग में यह सबसे ऊपर आ गया था।

संक्रमण की दूसरी लहर के प्रसार को रोकने के लिए कई राज्यों में अप्रैल के मध्य से लॉकडाऊन चल रहा है। हालांकि, इस साल देशव्यापी लॉकडाऊन नहीं हुआ है।

बार्क ने कहा कि 14 मई को समाप्त सप्ताह में हिंदी के सामान्य मनोरंजन टीवी चैनलों पर पौराणिक सामग्री की दर्शक गणना बढ़कर 15.2 अरब मिनट हो गई, जो 9 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में दर्ज किए गए 8.8 अरब मिनट से 73 प्रतिशत अधिक है।

बार्क के एक प्रवक्ता ने कहा, “हमने पिछले साल महामारी की शुरुआत के दौरान भी पौराणिक सामग्री के लिए दर्शकों की संख्या में वृद्धि देखी थी। देश के कई हिस्सों में आंशिक लॉकडाऊन और आवाजाही पर प्रतिबंध के साथ - मौजूदा स्थिति में यह प्रवृत्ति एक बार फिर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।”

पिछले साल के लॉकडाउन की शुरुआत में, पौराणिक कथाओं पर आधारित सामग्री के लिए कुल दर्शकों की संख्या एक सप्ताह के लिए 25.7 अरब मिनट थी, जो तीन सप्ताह के भीतर 119.1 अरब की ऊंचाई पर पहुंच गई और उसके बाद से उसमें कमी आई।

बार्क ने कहा कि लॉकडाउन के अंतिम महीने में कॉमेडी सामग्री के दर्शकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।

भाषा राजेश राजेश मनोहर

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