सुबह चलने वाली एक लोकल ट्रेन के समय में बदलाव किए जाने के विरोध में पालघर जिले में कुछ स्टेशनों पर यात्री रेल की पटरियों पर बैठ गए जिसके कारण पश्चिम रेलवे के उपनगरीय नेटवर्क में यहां ट्रेनों का परिचालन, बुधवार को एक घंटे से अधिक समय के लिए बाधित रहा. जीआरपी अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

पश्चिम रेलवे ने मंगलवार को घोषणा की थी कि 3 दिसंबर से चार विशेष उपनगरीय लोकल ट्रेनों को उनके मूल समय के अनुसार चलाया जाएगा. यह ट्रेनें वर्तमान में आपातकालीन सेवा कर्मियों के लिए ही चलाई जा रही हैं.

इस समय, पालघर के दहानू से पहली लोकल ट्रेन सुबह चार बजकर 40 मिनट पर रवाना होकर दक्षिण मुंबई के चर्चगेट पर शाम सात बजकर चार मिनट पर पहुंच रही है. बृहस्पतिवार से यह ट्रेन दहानू से सुबह पांच बजकर 40 मिनट पर रवाना होगी और शाम सात बजकर 34 मिनट पर अंधेरी पहुंचेगी.

ट्रेन के समय में बदलाव होने से नाराज होकर कुछ यात्रियों ने पालघर स्टेशन पर ‘रेल रोको’ अभियान शुरू किया और बुधवार को सुबह पांच बजकर 15 मिनट के आसपास वह रेल की पटरी पर बैठ गए. राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.

अधिकारी ने कहा कि पालघर जिले के केलवे और सफाले स्टेशन पर भी सुबह साढ़े पांच बजे यात्रियों ने इसी प्रकार का प्रदर्शन किया. उन्होंने बताया कि जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल द्वारा आक्रोशित यात्रियों को रेल की पटरी से हटाए जाने के बाद ट्रेन सेवा बहाल हुई.

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर ने कहा कि अब उपनगरीय ट्रेन सेवा सामान्य हो गई है. उन्होंने कहा कि रेलवे ने विशेष ट्रेन सेवा का समय बदलकर वह कर दिया था जो कोविड-19 लॉकडाउन से पहले था. उन्होंने कहा, “हम यात्रियों की मांग की समीक्षा कर रहे हैं लेकिन हम केवल दहानू लोकल को उसके मूल समय से चला रहे हैं और हमने समय में कोई बदलाव नहीं किया है.”