मुंबई, 28 अप्रैल (भाषा) बासमती चावल का कारोबार करने वाली कंपनी एलटी फूड्स ने बुधवार को कहा कि उसने भारत में व्यावसायिक पैमाने के कुछ बायोमास संयंत्रों के निर्माण के लिए अमेरिका स्थित ह्यूमनकाइंड ग्रुप (एचकेजी) के साथ हाथ बात की है। ये संयंत्र धान के पुआल को हरित ऊर्जा और जैव-उर्वरक में बदल सकते हैं।

एलटी फूड्स के अध्यक्ष, वी के अरोड़ा ने नियामकीय सूचना में कहा, ‘‘हम पर्यावरण, सामाजिक और आर्थिक स्थिरता के लिए सर्वोत्तम व्यवसाय प्रथाओं और प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं। यह प्रस्तावित परियोजना किसानों से हमारे लगाव और पर्यावरण कार्यक्रमों के साथ अच्छी तरह मेल खाती है।’’

बायोमास संयंत्र की तकनीक का पंजाब में परीक्षण किया गया है, जहां यह वर्ष 2018 से सफलतापूर्वक चल रही है।

पहले दो संयंत्रों की सफलता के बाद, एचकेजी ने बायोमास इंडिया की साझेदारी में अगले 10 वर्षों में भारत में 130 ऐसे संयंत्रों की संख्या को बढ़ाने की योजना बनाई है।

इस पहल को खेतों में फसलों के अवशेष जलाने की प्रथा को समाप्त करने के कार्यक्रम तैयार कर, बायोमास अप-साइक्लिंग का अग्रणी मंच बनाने का उद्येश्य है।

एलटी फूड्स ने एक बाजार सूचना में कहा कि यह पहल स्वस्था विकास के उत्पादों के तहत कूड़े से मूल्य वर्धित उत्पाद का पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में योगदान देगी। इससे पर्यावरण, सामाजिक, स्वास्थ्य और आर्थिक परिणामों की एक विस्तृत श्रृंखला पर अनुकूल प्रभाव होगा।

इस पारस्परिक संबद्धता के तहत, ‘दावत’ जैसे ब्रांड के स्वामी, एलटी फूड्स, एचकेजी की वाणिज्यिक-पैमाने पर बायोमास सुविधा के लिए स्थानीय भागीदार बनेगी।

भाषा राजेश राजेश मनोहर

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