चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश राज्य की 28 विधानसभा सीटों के उपचुनाव के लिए प्रचार करते हुए आदर्श आचार संहिता का बार-बार उल्लंघन करने के चलते कांग्रेस नेता एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ‘स्टार प्रचारक’ का दर्जा शुक्रवार को रद्द कर दिया. साथ ही कैलाश विजयवर्गीय के ‘चुन्नू-मुन्नू’ टिप्पणी को चुनाव संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करार देते हुए चेतावनी दी है.

आयोग ने शुक्रवार को जारी एक आदेश में कहा, ‘‘आदर्श आचार संहिता के बार-बार उल्लंघन और उन्हें (कमलनाथ को) जारी की गई सलाह की पूरी तरह से अवहेलना करने को लेकर आयोग मध्य प्रदेश विधानसभा के वर्तमान उपचुनावों के लिए मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के राजनीतिक दल के नेता (स्टार प्रचारक) का दर्जा तत्काल प्रभाव से समाप्त करता है.’’

आयोग ने कहा कि कमलनाथ को स्टार प्रचारक के रूप में प्राधिकारियों द्वारा कोई अनुमति नहीं दी जाएगी.

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, अब से यदि कमलनाथ द्वारा कोई चुनाव प्रचार किया जाता है तो यात्रा, ठहरने और दौरे से संबंधित पूरा खर्च पूरी तरह से उस उम्मीदवार द्वारा वहन किया जाएगा जिसके निर्वाचन क्षेत्र में वह चुनाव प्रचार करेंगे.’’

निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस नेताओं दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के खिलाफ कैलाश विजयवर्गीय द्वारा की गई ‘‘चुन्नू-मुन्नू’’ टिप्पणी, चुनाव संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन है. साथ ही, आयोग ने भाजपा के वरिष्ठ नेता को आचार संहिता की अवधि के दौरान सार्वजनिक तौर पर ‘‘इस तरह के शब्दों’’ का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी.

आयोग ने 26 अक्टूबर को भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय को एक नोटिस जारी किया था और जवाब देने को कहा था.

नोटिस के अनुसार, इंदौर के सांवेर में 14 अक्टूबर को एक चुनावी रैली में दोनों कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दिए गए बयान को आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाला पाया गया है.

भाजपा नेता ने कांग्रेस के दोनों नेताओं को ‘‘गद्दार’’ भी कहा था.

(इनपुट पीटीआई से)