मुंबई, 23 मई (भाषा) महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में समुद्र तट पर तीन अलग-अलग स्थानों पर आठ शव मिले हैं और पुलिस को संदेह है कि ये बजरा पी305 के पीड़ितों के शव हो सकते हैं जो चक्रवात ताउते के कारण मुंबई तट पर डूब गया था।

रायगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को बताया कि शनिवार को मिले आठ शवों में से पांच मंडवा तट पर बहकर आए, दो अलीबाग में और एक शव मुरुड में मिला है।

उन्होंने कहा, ‘‘शवों की अभी पहचान नहीं की गई है।’’

उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रशासन और राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शवों के बारे में सूचित कर दिया गया है।

नौसेना के एक प्रवक्ता ने पहले बताया था कि बजरा पी305 चक्रवात ताउते के दौरान समुद्री लहरों के कारण गत सोमवार को डूब गया था और शनिवार को समुद्र तल पर दिखा था।

नौसेना ने बताया था कि शनिवार को छह और लोगों के शव मिलने के बाद इस हादसे में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 66 हो गई जबकि नौ कर्मी अब भी लापता हैं।

उसने बताया कि घटना के समय बजरा पी305 पर 261 कर्मी सवार थे जिनमें से अभी तक 186 को बचा लिया गया है।

बजरा पी 305, पर सरकारी तेल और गैस कंपनी ओएनजीसी के एक अपतटीय तेल ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म के रखरखाव के काम में लगे कर्मी थे। उक्त बजरा गुजरात जाते वक्त तेज गति वाली हवाओं और ऊंची समुद्री लहरों के कारण मुंबई तट के पास सोमवार शाम को डूब गया था।

बजरा पी305 के नौ लापता कर्मियों के अलावा नौसेना और तटरक्षक बल नौका वरप्रदा के उन 11 लोगों की भी तलाश कर रहा है जो चक्रवात के बाद लापता हो गए थे। वरप्रदा पर सवार 13 लोगों में से दो को बचा लिया गया था।

शनिवार को गुजरात के वलसाड जिले में अरब सागर के तट पर चार शव पाए गए थे।

वलसाड के पुलिस अधीक्षक राजदीप सिंह झाला ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘चार शवों पर वर्दी और जीवनरक्षक जैकेट देखकर ऐसा लगता है कि वे सभी उस बजरा के सदस्य थे जो मुंबई तट पर डूब गया था।’’

नौसेना ने तलाश एवं बचाव अभियान तेज करने के लिए विशिष्ट गोताखोर दलों को तैनात किया है।