औरंगाबाद, 26 मई (भाषा) मराठा आरक्षण को लेकर उठे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद संभाजी छत्रपति ने बुधवार को कहा कि अगर महाराष्ट्र सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) श्रेणी के तहत आरक्षण देना चाहती है, तो वह इसकी शर्तों में ढील देकर ऐसा कर सकती है और इसके लिए केंद्र के पास जाने की जरूरत नहीं है।

उच्चतम न्यायालय ने हाल ही में मराठा समुदाय को दाखिलों और सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने वाले महाराष्ट्र के कानून को 'असंवैधानिक' करार देते हुए रद्द कर दिया था।

भाजपा सांसद ने यहां पत्रकारों से कहा कि यदि राज्य सरकार ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत आरक्षण देना चाहती है, तो उसे इसकी शर्तों में ढील देने का अधिकार है।

उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र सरकार को इसके लिए केंद्र के पास जाने की जरूरत नहीं है। राज्य को इस पर कार्यवाही करनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि वह 28 मई को इस मुद्दे पर अपना रुख और स्पष्ट करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इस कोविड-19 महामारी के समय में, हम सड़कों पर उतरकर लोगों को मरने नहीं दे सकते। हम सुरक्षित रहे तो बाद में आरक्षण के लिए लड़ सकते हैं।’’