जनवरी-फरवरी (2021) में कोरोना वायसरस महामारी की दूसरी लहर आने की आशंका जताते हुये महाराष्ट्र सरकार ने अधिकारियों से कहा है कि जांच में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाये. राज्य सरकार के स्वास्थ्य सेवा निदेशालय से 11 नवंबर को जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि अगले साल जनवरी—फरवरी में महामारी की दूसरी लहर आने की आशंका है.

इसमें कहा गया है कि यूरोप में जो हो रहा है उसके आधार पर दूसरी लहर की आशंका जतायी जा रही है. सर्कुलर में कहा गया है कि अक्टूबर से महाराष्ट्र में कोविड—19 के मामलों में कमी देखी गयी है. इसमें कहा गया है कि वायरस की दूसरी लहर से कई देश प्रभावित हुये हैं खास तौर से यूरोप में. सर्कुलर के अनुसार कोरोना वायरस की जांच में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिये और सभी प्रयोगशालायें भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के दिशा निर्देशों के अनुरूप काम करेंगी. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, प्रत्येक दस लाख लोगों पर 140 जांच होनी चाहिये  सरकार की ओर से जारी इस दस्तावेज में कहा गया है कि सभी जिलों में एवं नगर निगम के दायरे में कोविड—19 जांच के लिये प्रयोगशालायें होनी चाहिये.

इसमें कहा गया है कि यह समय की मांग है कि हम कोविड—19 के मरीजों एवं जिन लोगों को सांस लेने में समस्या है, उनके स्वास्थ्य हित को ध्यान में रखते हुये पटाखा मुक्त दीपावली मनायें. सर्कुलर में लोगों से अपील की गयी है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें एवं तनाव न लें. महाराष्ट्र में 12 नवंबर तक कोरोना वायरस संक्रमण के 17,36,329 मामले सामने आ चुके हैं और 45,682 की मौत हो चुकी है.