महाराष्ट्र में कोरोना का संक्रमण थमा नहीं है. हालांकि, रोजोना आने वाले मामलों में कुछ कमी आई है. महाराष्ट्र में कोरोना की वजह से सबसे पहले प्रतिबंध शुरू किए गए. वहीं अब तीन हफ्तों से भी अधिक समय से कर्फ्यू लागू है. लेकिन इसके बावजूद रोजोना 50 हजार से ज्यादा कोरोना के नए मामले आ रहे हैं. वहीं, मौत का आंकड़ा हजार के करीब पहुंच गया है.

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महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सख्त प्रतिबंध लागू किए हुए तीन सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है लेकिन अभी भी राज्य में संक्रमण के औसत मामलों की संख्या 50,000 से अधिक है, जो चिंता का विषय है.

केंद्र सरकार का हवाला देते हुए, टोपे ने कहा कि महाराष्ट्र के कुल 36 जिलों में से 12 में कोविड-19 मामले कम हुए हैं, लेकिन कुछ अन्य जिलों में मामले अधिक हैं.

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मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा घोषित लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध 14 अप्रैल को लागू हुए, जिसमें एक शहर से दूसरे शहर के साथ-साथ अंतर-जिला यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया है और राज्य में गैर-आवश्यक सेवाओं को बंद कर दिया गया है.

लोगों की आवाजाही पर सप्ताहांत प्रतिबंध सहित इन उपायों को बाद में 15 मई तक बढ़ा दिया गया.

टोपे ने संवाददाताओं से कहा, 'सरकार ने लॉकडाउन जैसे उपाय किए, लेकिन दैनिक मामलों की औसत संख्या अभी भी 50,000 और 60,000 के बीच आ रही है. संक्रमण दर अभी भी उच्च स्तर पर है.'

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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार स्थिति की समीक्षा करेगी और यह तय करेगी कि इन लॉकडाउन जैसे उपायों को आगे बढ़ाया जाए या नहीं.

उन्होंने कहा, 'राज्य सरकार महामारी को नियंत्रित करने के लिए कोविड-19 के मरीजों पर नजर रखने, उनका पता लगाने और उनका इलाज करने पर जोर दे रही है.'

महाराष्ट्र में संक्रमण के कुल मामले 49,96,758 हैं, जबकि मृतकों की कुल संख्या 74,413 है.

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