गुवाहाटी, 26 मई (भाषा) असम के गोसाईगांव से चार बार विधायक रहे मजेन्द्र नारजारे का कोविड-19 के बाद की जटिलताओं से बुधवार को यहां एक अस्पताल में निधन हो गया।

अस्पताल के चिकित्सकों ने यह जानकारी दी।

बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के नेता नारजारे के परिवार में पत्नी और चार बच्चे हैं। बीपीएफ नेता 68 साल के थे।

नारजारे असम के कोकराझार जिले में गोसाईगांव विधानसभा क्षेत्र का 2006 से प्रतिनिधित्व कर रहे थे और उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी यूपीपीएल के सोमनाथ नारजारे को दस हजार से अधिक मतों से पराजित किया था।

स्वास्थ्य मंत्री केशव महंत ने बताया कि नारजारे को कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन उन्हें अन्य बीमारियां भी थीं जिससे उनकी हालत बिगड़ती चली गई।

नारजारे की मंगलवार रात तबीयत ज्यादा खराब हो गई और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, यह खबर मिलने पर महंत उनका हालचाल जानने रात में अस्पताल गए थे।

उन्होंने कहा,‘‘ हालांकि उन्होंने कोविड-19 को मात दे दी थी लोकिन दुर्भाग्य से अन्य बीमारियां होने के चलते वह जीवन की जंग हार गए.......उनके परिवार और शुभचिंतकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।’’

नारजारे पहले एक स्कूल में प्रधानाचार्य थे। वह कई सामाजिक संगठनों से भी जुड़े थे।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने नारजारे के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा,‘‘ मैं गोसाईगांव के विधायक मजेन्द्र नारजारे के निधन की खबर सुन कर दुखी हूं। वह एक समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता, प्रतिबद्ध राजनेता थे और उन्हें सभी बहुत प्यार करते थे, उनकी कमी महसूस की जाएगी।’’

हिमंत बिस्व सरमा मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है कि नारजारे का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।

मंत्रिमंडल की बैठक में इन विधायक की याद में दो मिनट का मौन रखा गया।

सरमा ने मंत्रियों-- यू जी ब्रह्मा और परिमल शुक्लवैद्य को नारजारे के घर जाने एवं उनके शोकसंतप्त परिवार को सरकार की ओर से सात्वंना देने का निर्देश दिया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन वोरा ने कहा,‘‘ हमारे महाजोत (गठबंधन)के सहयोगी बीपीएफ विधायक के असमायिक निधन से बेहद दुखी हूं। उनके परिवार और मित्रों के प्रति मेरी संवेदनाएं।’’