'मन की बात' कार्यक्रम के 80वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि, आज का युवा मन बने बनाए रास्तों पर चलना नहीं चाहता है. वो नए रास्ते बनाना चाहता है. मंजिल भी नई, लक्ष्य भी नए, राह भी नई और चाह भी नई, अरे एक बार मन में ठान लेता हैं न युवा, जी-जान से जुट जाता है. दिन-रात मेहनत कर रहा है. उन्होंने युवाओं से कहा अगर आप कुछ भी नया सोचते हैं तो उसे मुझसे साझा जरूर करें.

देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सबसे पहले मेजर ध्यानचंद को याद किया और कहा, आज, जब हमें देश के नौजवानों में हमारे बेटे-बेटियों में, खेल के प्रति जो आकर्षण नजर आ रहा है, माता-पिता को भी बच्चे अगर खेल में आगे जा रहे हैं तो खुशी हो रही है, ये जो ललक दिख रही है न मैं समझता हूँ, यही मेजर ध्यानचंद जी को बहुत बड़ी श्रद्धांजलि है.

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उन्होंने कहा, कितने ही पदक क्यों न मिल जाएं, लेकिन जब तक हॉकी में पदक नहीं मिलता भारत का कोई भी नागरिक विजय का आनंद नहीं ले सकता है और इस बार ओलंपिक में हॉकी का पदक मिला, चार दशक के बाद मिला.

पीएम मोदी ने कहा, आज देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तो हमें ये याद रखना है कि स्वच्छ भारत अभियान के संकल्प को हमें कभी भी मंद नहीं पड़ने देना. हमारे देश में जितने ज्यादा शहर Water Plus City होंगे उतना ही स्वच्छता भी बढ़ेगी, हमारी नदियां भी साफ होंगी और पानी बचाने की एक मानवीय जिम्मेवारी निभाने के संस्कार भी होंगे.

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खिलौनों पर चर्चा करते हुए पीएम ने कहा, अभी कुछ दिन पहले ही हमारे देश में खिलौनों की चर्चा हो रही थी. देखते ही देखते जब हमारे युवाओं के ध्यान में ये विषय आया उन्होंने भी मन में ठान लिया कि दुनिया में भारत के खिलौनों की पहचान कैसे बने.

जन्माष्टमी की बधाई देते हुए पीएम ने कहा, कल जन्माष्टमी का महापर्व भी है. जन्माष्टमी का ये पर्व यानी, भगवान श्री कृष्ण के जन्म का पर्व. हम भगवान के सब स्वरूपों से परिचित हैं, नटखट कन्हैया से ले करके विराट रूप धारण करने वाले कृष्ण तक, शास्त्र सामर्थ्य से ले करके शस्त्र सामर्थ्य वाले कृष्ण तक. मैं सभी देशवासियों को जन्माष्टमी की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं.

पीएम मोदी ने विश्वकर्मा जयंती की भी चर्चा की और उन्होंने कहा, भगवान विश्वकर्मा को हमारे यहाँ विश्व की सृजन शक्ति का प्रतीक माना गया है. जो भी अपने कौशल्य से किसी वस्तु का निर्मा करता है, सृजन करता है. चाहे वो सिलाई-कढ़ाई हो, सॉफ्टवेयर हो या फिर सैटेलाइट ये सब भगवान विश्वकर्मा का प्रगटीकरण है.

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पीएम ने कहा, हमें हुनर को सम्मान देना होगा, हुनरमंद होने के लिए मेहनत करनी होगी। हुनरमंद होने का गर्व होना चाहिए. हमारी पूजा का भाव यही होना चाहिए कि हम skill के महत्व को समझेंगे, और skilled लोगों को, चाहे वो कोई भी काम करता हो, उन्हें पूरा सम्मान भी देंगे.