'मन की बात' के 71वें संस्करण में पीएम मोदी ने कई अहम मुद्दों पर बात की है. प्रोग्राम शुरू होने से पहले लोग अलग-अलग कयास लगा रहे थे मगर पीएम मोदी ने अलग ही मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने कृषि कानून किसानों के लिए कैसे फायदेमंद है ये बताया, इसके अलावा उन्होंने कनाडा से वापस आने वाली देवी अन्नपूर्णा की मूर्ती के बारे में बात की. चलिए बताते हैं 'मन की बात' में क्या रहीं 8 मुख्य बातें.

'मन की बात' में पीएम मोदी ने की ये 8 मुख्य बातें
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हर भारतीय को यह जानकर गर्व होगा कि देवी अन्नपूर्णा की एक बहुत पुरानी प्रतिमा कनाडा से वापस आ रही है. यह प्रतिमा लगभग 100 साल पहले 1913 के करीब वाराणसी के एक मंदिर से चुराकर देश से बाहर भेज दी गई थी.
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आज देश में कई संग्रहालय और लाइब्रेरी अपने कलेक्शन को पूरी तरह से डिजिटल बनाने का काम कर रहे है. दिल्ली में हमारे राष्ट्रीय संग्रहालय ने इस संबंध में कुछ सराहनीय प्रयास किए हैं.
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कल 30 नवंबर को हम श्री गुरु नानक देव जी का 551वां प्रकाश पर्व मनाएंगे. पूरी दुनिया में गुरु नानक देव जी का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है. मुझे महसूस होता है कि गुरु साहब की मुझ पर विशेष कृपा रही जो उन्होंने मुझे हमेशा अपने कार्यों में बहुत करीब से जोड़ा है.
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पिछले वर्ष नवंबर में करतारपुर साहिब कॉरिडोर का खुलना बहुत ही ऐतिहासिक रहा. विदेश में रहने वाले हमारे सिख भाई-बहनों के​ लिए अब दरबार साहिब की सेवा के लिए राशि भेजना और आसान हो गया है. इस कदम से विश्वभर की संगत, दरबार साहिब के और करीब आ गई है.
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बीते दिनों हुए कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं. काफी विचार​-विमर्श के बाद भारत की संसद ने कृषि सुधारों को कानूनी स्वरूप दिया. इन सुधारों से न सिर्फ किसानों के अनेक बंधन समाप्त हुए, बल्कि उन्हें नए अधिकार, नए अवसर भी मिले हैं.
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5 दिसबंर को श्री अरबिंदो की पुण्यतिथि है. श्री अरबिंदो को हम जितना पढ़ते हैं उतनी ही गहराई हमें मिलती जाती है. मेरे युवा साथी श्री अरबिंदो को जितना जानेंगे, उतना ही अपने आप को जानेंगे, खुद को समृद्ध करेंगे.
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भारत में खेती और उससे जुड़ी चीजों के साथ नए आयाम जुड़ रहे हैं. बीते दिनों हुए कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोले हैं. बरसों से किसानों की जो मांग थी, वो मांगें पूरी हुई हैं.
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लॉकडाउन के दौर से बाहर निकलकर अब वैक्सीन पर चर्चा होने लगी है, लेकिन कोरोना को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही अब भी बहुत घातक है. हमें कोरोना के खिलाफ अपनी लड़ाई को मजबूती से जारी रखना है.