नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) सॉफ्टवेयर और समाधान उपलब्ध कराने वाली एसरी इंडिया ने चक्रवाती तूफान यास के रास्ते की पूरी जानकारी और उस पर नजर रखने के लिए एक नक्शा जारी किया है। चक्रवात के 26 मई को ओड़िशा के उत्तरी भाग में बालेश्वर के समीप पहुंचने की संभावना है।

कंपनी के अनुसार चक्रवाती तूफान यास के रास्ते की सीधी तस्वीर (यास लाइव पाथ) जीआईएस मैपिंग एप्लीकेशन सबसे अधिक खतरे वाले इलाकों में पहले से तैयारी करने, जगह खाली कराने, पुनर्वास योजनाओं में भी मदद करेगा।

एसरी ने एक बयान में कहा कि यह जीआईएस नक्शा चक्रवात के अनुमान की स्थिति, रुख, उसका रास्ता, वायु की गति, चेतावनी आदि जैसी सूचना समय रहते उपलब्ध कराता है। इसका उपयोग मैपिंग एवं जोखिम से निपटने संबंधी तैयारियों में किया जा सकता है।

एसरी इंडिया के प्रबंध निदेशक अगेन्द्र कुमार ने कहा, ‘‘इस पहल का उद्देश्य संबंधित अधिकारियों, विभागों और सामाजिक संगठनों को तूफान की स्थिति के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना है जिससे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा जा सके और लोगों के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा के लिए समय रहते कदम उठाये जा सके।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ चक्रवात यास के ‘लाइव पाथ मैप’ को खास तौर पर भौगोलिक सूचना प्रणाली प्रौद्योगिकी का उपयोग कर अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया गया है। इससे जुड़े नागरिकों और संगठनों को योजना तैयार करने और उन्हे सुरक्षा के लिए अस्थायी रूप से कम गंभीर इलाकों में ले जाने में मदद मिलेगी।’’

मौसम विभाग ने सोमवार को कहा कि चक्रवाती तूफान यास बुधवार दोपहर ओड़िशा के बालेश्वर के समीप पहुंचने की संभावना है। इसमें 155-165 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

कुमार ने कहा, ‘‘एसरी इंडिया में हमारा ध्यान विभिन्न स्रोतों से सूचना एकत्र करना और एक समान जीआईएस मंच पर उसे साझा करने पर है ताकि इससे नुकसान को कम करने और लोगों की जिंदगी एवं संपत्ति बचाने में सामूहिक प्रयासों में मदद मिल सके।’’

यह नक्शा एसरी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। यह मौसम, हवा की गति, मकानों की संख्या और क्षेत्र में आबादी के बारे में अद्यतन जानकारी देगा।

भाषा

रमण मनोहर

मनोहर