बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी को विधानसभा चुनाव में टिकट देने से मना कर दिया था. हालांकि इसके बाद AIMIM ने मुख्तार अंसारी को मैदान में उतारने की पेशकश की है. AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि मुख्तार अंसारी उत्तर प्रदेश की जिस सीट से चुनाव लड़ना चाहता हैं, वहां का टिकट वे उनकी पार्टी से ले सकते हैं.  

इससे पहले दिन में, बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी आगामी चुनावों में 'बाहुबली' या माफिया उम्मीदवारों को मैदान में नहीं उतारने का प्रयास करेगी और घोषणा की कि बांदा की जेल में बंद अंसारी को मऊ से फिर से टिकट नहीं दिया जाएगा.

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुसलमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद आसिम वकार ने कहा कि अंसारी के लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं. उन्होंने कहा, "अगर अंसारी चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उनके लिए AIMIM के दरवाजे खुले हैं. हम उन्हें टिकट देंगे और उनकी जीत भी सुनिश्चित करेंगे."

वकार ने अन्य मुसलमानों से भी कहा कि वे किसी अन्य राजनीतिक दल से "टिकट न खरीदें" क्योंकि वे उनसे पैसे लेने के बाद भी अपनी हार सुनिश्चित करेंगे." उन्होंने कहा, "उनके समुदायों (अन्य दलों) का वोट मुसलमानों को नहीं जाता है. मैं उन मुसलमानों से कहता हूं जो चुनाव लड़ना चाहते हैं और वो AIMIM में शामिल हों. पार्टी उन्हें टिकट देगी." मायावती ने मऊ सीट से बसपा प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर के नाम की घोषणा की. मुख्तार अंसारी मऊ से विधायक हैं.

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7 सितंबर को जेल में बंद गैंगस्टर और पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनकी पत्नी AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की मौजूदगी में शामिल हुए थे. जबकि अहमद की पत्नी शाइस्ता प्रवीण एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में AIMIM में शामिल हुई, वह अनुपस्थिति में नई पार्टी में शामिल हो गए.

अहमद के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. अहमद को शामिल करने के अपने फैसले का बचाव करते हुए, AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि कुछ बीजेपी नेता भी आपराधिक मामलों का सामना कर रहे थे.

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