नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) सरकार ने बुधवार को कहा कि चक्रवाती तूफ़ान ‘यास’ से दूरसंचार ढांचे को मामूली नुकसान हुआ है तथा नुकसान को कम करने के लिए लोगों को पहली बार स्थानीय भाषाओं में संदेश देने के लिये नेटवर्क का व्यापक तौर पर इस्तेमाल किया गया।

दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश ने पीटीआई-भाषा से कहा कि यास चक्रवात के बारे में लोगों को अवगत कराने के लिए स्थानीय भाषाओँ में पहली बार ऑडियो संदेश के जरिये सतर्क किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा पहली बार हुआ है जब लोगों को स्थानीय भाषाओँ में सन्देश भेजे गए, जिसका अनुकूल असर होना चाहिए। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) ने इस सुविधा को मुफ्त प्रदान करने में तत्परता से सहयोग किया। हम इस सुविधा को आपदा प्रबंधन के लिए मानक प्रोटोकॉल के रूप में जोड़ेंगे।’’

दूरसंचार विभाग ने एक बयान में कहा, ‘‘स्थानीय निवासियों को सचेत करने के लिए कुल 6 करोड़ से अधिक एकमुश्त संदेश स्थानीय भाषाओं में भेजे गए। इनमें से 3.87 करोड़ पश्चिम बंगाल में, 2.43 करोड़ ओडिशा में और 36.4 लाख आंध्र प्रदेश में भेज गए।’’

विभाग ने कहा कि चक्रवात का असर पश्चिम बंगाल में पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, बकुरा, दक्षिण 24 परगना और झारग्राम और ओडिशा में बालासोर, भद्रक, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, जाजपुर, क्योंझर और मयूरभंज जिले में पड़ा है।

वही सूत्रों के अनुसार दूरसंचार ढांचे पर चक्रवात से 5 से 7 प्रतिशत प्रभाव पड़ा है। इसका मुख्य कारण बिजली कट जाना रहा है। बिजली उपलब्ध होने के बाद प्रभावित क्षेत्र में सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी।

भाषा जतिन महाबीर

महाबीर