23 अक्टूबर को वेबसीरीज मिर्जापुर-2 रिलीज हुई, इसके बाद ये खूब सुर्खियों में चल रही है. मगर इस सीरीज को लेकर एक विवाद हो गया है, दरअसल सीरीज के एक सीन में सत्यानंद त्रिपाठी (कुलभूषण खरबंदा) एक नॉवेल पढ़ते हैं जो क्राइम फिक्शन पर आधारित होती है. इस नॉवेल के लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक ने इस सीन में जो डायलॉग वह बोलते हैं इससे सुरेंद्र मोहन पाठक ने आपत्ति जताई.

लेखक सुरेंद्र पाठक ने वेब सीरीज के प्रॉड्यूसर पर आरोप लगाया कि सीरीज में उनकी छवि को खराब करने की कोशिश हुई है. मिर्जापुर के एक सीन में उनके लिखे नॉवेल 'धब्बा' के कंटेंट को गलत तरीके से पेश किया गया है, उन्होंने जो नोटिस भेजा उसमें कहा गया, 'मिर्जापुर-2 के एक सीन में सत्यानंद त्रिपाठी नाम के किरदार के हाथ में जो उपन्यास 'दब्बा' दिखाई गई जो 2010 में प्रकाशित हुई थी. मगर इस पात्र ने जो कुछ भी कहा वह उनके लिखे उपन्यास 'धब्बा' के नहीं है. डायलॉग के तौर पर जो कुछ भी उस किरदार ने बोला वह सिवाय पॉर्न के कुछ और नहीं हो सकता.' 

इसके बाद मिर्जापुर-2 के प्रोड्यूसर्स रिेतश सिधवानी और फरहान अख्तर के प्रोडक्शन हाउस एक्सेल एंटरटेनमेंट के ट्विट हैंडल से एक लेटर पोस्ट किया गया. इसमें लिखा है, 'प्रिय सुरेंद्र मोहन पाठक, यह आपके द्वारा भेजे गए नोटिस से हमारे संज्ञान में आया है कि हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज मिर्जापुर2 में एक सीन है, इसमें सत्यानंद त्रिपाठी नाम का किरदार 'धब्बा' उपन्यास पढ़ रहा है, जिसे आपने लिखा. इसके साथ ही उस सीन में दिखाए गए सीन वाइजओवर से आपकी और आपके प्रशंसकों की भावनाएं आहत हुई हैं.

इसमें आगे लिखा है, 'हम इसके लिए आपसे माफी मांगते हैं और आपको बताना चाहते हैं कि यह किसी भी तरह से आपकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने या नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं फिल्माया गया था. हम जानते हैं कि आप प्रसिद्ध लेखक हैं और आपका काम हिंदी क्राइम फिक्शन साहित्य की दुनिया में कितना महत्व रखता है. हम आपको सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इसे सुधार लिया जाएगा. हम तीन हफ्ते के अंदर उस सीन में बुक कवब को ब्लर कर देंगे और वाइजओवर हटा देंगे. प्लीज अनजाने में आपकी भावनाओं को आहत करने के लिए हमारी तरफ से माफी स्वीकार करें.''