महाराष्ट्र के नागपुर के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) मुख्यालय में महर्षि व्यास सभागार में RSS प्रमुख मोहन भागवत और अन्य नेताओं ने वार्षिक दशहरा समारोह में हिस्सा लिया. मोहन भागवत ने विजयदशमी के अपने संबोधन में देश को दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत ने चीन को प्रतिकूल जवाब दिया और वह इससे घबरा गया है. 

मोहन भागवत ने अपने संबोधन में कहा, "पूरी दुनिया ने देखा है कि कैसे चीन भारत के क्षेत्र में अतिक्रमण कर रहा है. चीन के विस्तारवादी व्यवहार से हर कोई वाकिफ है. चीन कई देशों-ताइवान, वियतनाम, यू.एस., जापान और भारत के साथ लड़ रहा है. लेकिन भारत की प्रतिक्रिया ने चीन को परेशान कर दिया है." 

भागवत ने आगे कहा, "भारत की सेना ने अपनी वीरता का परिचय दिया. भारत के नागरिकों ने अपनी देशभक्ति का परिचय दिया. सामरिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से वो (चीन) ठिठक जाए, इतना धक्का तो उसे मिला है. इसके चलते अब बाकी देशों ने भी चीन को डांटना शुरू किया है. इसलिए हमको अधिक सजक रहने की आवश्यकता है. क्योंकि चीन अब क्या करेगा इसका पता नहीं." 

कोविड महामारी की वजह से सभागार के अंदर केवल 50 स्वयंसेवकों को अनुमति दी गई थी. इसके चलते  मुख्य कार्यक्रम में केवल 50 स्वयंसेवकों ने ही हिस्सा लिया.  आरएसएस प्रमुख हर साल रेशमीबाग मैदान से दशहरा पर संघ के स्वयंसेवकों को संबोधित करते हैं.

मोहन भागवत के संबोधन का आरएसएस की वेबसाइट, यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर ऑनलाइन प्रसारण किया गया. पिछले साल विजयादशमी कार्यक्रम में एचसीएल के संस्थापक शिव नादर मुख्य अतिथि थे. इस साल कोरोना के चलते मुख्य अतिथि को नहीं बुलाया गया.