नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) अपनी कारोबारी जरूरतों के लिए इक्विटी कोष जुटाने को 60 से अधिक लघु एवं मझोले उपक्रम (एसएमई) एक साल में अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाएंगे। बीएसई के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

बीएसई के एसएमई और स्टार्टअप प्रमुख अजय ठाकुर ने पीटीआई-भाषा से कहा कि इन कंपनियों को एक्सचेंज के एसएमई प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध किया जाएगा।

पिछले साल सिर्फ 16 एसएमई ने आईपीओ के जरिये 100 करोड़ रुपये जुटाए थे।

ठाकुर ने बताया कि महामारी के दौरान एक्सचेंज ने एसएमई को इक्विटी वित्तपोषण और सूचीबद्धता के प्रति जागरूक करने को करीब 150 वेबिनार का आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी की वजह से छोटी कंपनियां समझती हैं कि सूचीबद्धता के बाद अनुपालन और स्तर और लागत बढ़ जाती है।

ठाकुर ने कहा कि एसएमई की सूचीबद्धता से एसएमई की पहचान बढ़ती है और साथ ही उनके ब्रांड का निर्माण भी होता है। इसके अलावा इससे उनकी क्रेडिट रेटिंग में सुधार होता है और उन्हें आसानी से वित्त की सुविधा तथा वृद्धि के अवसर उपलब्ध होते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘बीएसई एसएमई पहला एसएमई मंच है जिसपर 400 एसएमई ने दस्तावेज जमा कराए हैं। इनमें से 337 पहले ही सूचीबद्ध हो चुकी हैं। शेष 63 एसएमई इकाइयां एक साल के समय में सूचीबद्ध होंगी।’’

उन्होंने कहा कि पिछले साल हमने कई कदम उठाए थे, जिससे हमारे मंच पर हर महीने एक कंपनी सूचीबद्ध हुई।