सुपरहीरो ‘शक्तिमान’ और टीवी धारावाहिक ‘महाभारत’ में भीष्म पितामह का किरदार निभाने वाले प्रख्यात अभिनेता मुकेश खन्ना को ‘मी टू’ मुहिम पर अपनी टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा है.

खन्ना ने अपने बयान में कहा था कि ‘मी टू’ मुहिम तब शुरू हुई, जब महिलाएं अपने घरों से बाहर निकलीं और कामकाजी हो गईं.

उल्लेखनीय है कि ‘मी टू’ मुहिम 2017 में हॉलीवुड में शुरू हुई थी. दरअसल, मनोरंजन उद्योग की कई महिलाओं ने कई कद्दावर लोगों पर अपना यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था. इस मुहिम के जरिये महिलाओं ने कार्यस्थल पर अपनी सुरक्षा की ओर ध्यान आकृष्ट किया .

साल भर बाद इस मुहिम ने बॉलीवुड में भी गति पकड़ी, जब अदाकारा तनुश्री दत्ता ने अभिनेता नाना पाटेकर पर अपना यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया. इसके बाद भारतीय सिनेमा उद्योग की कई महिलाओं ने कामकाज के खराब माहौल के खिलाफ मुखर होकर बोला.

एक न्यूज चैनल को दिए एक साक्षात्कार की कथित वीडियो क्लिप में खन्ना ने दावा किया कि ‘मी टू’ मुहिम शुरू हुई क्योंकि महिलाओं ने पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चलना शुरू करने की कोशिश की.

खन्ना (62) को इसमें कथित तौर पर यह कहते सुना जा सकता है, ‘‘ पुरूष और महिलाएं अलग-अलग हैं. महिलाओं का काम घर संभालना है, माफ कीजिएगा क्योंकि मैं कुछ खास चीजें कह रहा हूं. मीटू की समस्या तब शुरू हुई, जब महिलाओं ने काम करना शुरू किया. आज महिलाएं पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चलने के बारे में बात करती हैं. ’’

खन्ना की टिप्पणी की सोशल मीडिया पर कई लोगों ने आलोचना की है. यहां तक कि एक ट्विटर यूजर ने उन्हें महिलाओं से नफरत करने वाला तक कहा है.