मुंबई में हुए हमले का मास्टरमाइंड और लश्कर ए तैयबा का कमांडर जकीउर रहमान लखवी को पाकिस्तान की एक कोर्ट ने 15 साल की सजा सुनाई है. हालांकि ये सजा टेरर फंडिंग मामले में सुनाई गई है. हाल ही में लखवी को आतंकियों को फंड मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

संयुक्त राष्ट्र से आतंकवादी घोषित लखवी वर्ष 2015 से ही मुंबई हमले के मामले में जमानत पर था और पंजाब सूबे के आतंकवाद निरोधक विभाग ने उसे आतंकवाद का वित्तपोषण करने के आरोप में शनिवार (2 जनवरी) को गिरफ्तार किया था. देश में खुलेआम घूम रहे आतंकवादियों पर शिकंजा कसने के लिए इस्लामाबाद पर पड़ रहे अंतरराष्ट्रीय दबाव में यह कदम उठाया गया.

लश्कर ए तैयबा और अल-कायदा से जुड़े होने और 'आतंकवाद के लिए वित्त पोषण, योजना, सहायता मुहैया कराने या षड्यंत्र रचने’’ की खातिर लखवी को संयुक्त राष्ट्र ने दिसंबर 2008 में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था.'

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् की 1267 अल- कायदा प्रतिबंध समिति ने लखवी को निजी खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए डेढ़ लाख पाकिस्तानी रुपये के मासिक भुगतान की अनुमति दी थी.

जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद के नेतृत्व में लश्कर-ए-तैयबा ने 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया था जिसमें छह अमेरिकी नागरिकों समेत 166 लोगों की मौत हो गई थी.

(इनपुट पीटीआई से भी)