अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के निकलते ही तालिबान ने कब्जा जमा लिया है. ज्यादातर देश तालिबान के खिलाफ हैं और डर में उन्होंने अपने दूतावास देश से हटा लिए हैं. लेकिन रूस, पाकिस्तान और चीन ने अपना दूतावास अभी भी काबुल में जमाए हैं. भारत का अफगानिस्तान में करोड़ों का निवेश था, ऐसे में वो सब पानी में जाता दिख रहा है. इसी बीच खबर है कि मशहूर शायर मुनव्वर राणा (Munawwar Rana) ने तालिबान के समर्थन में बयान दिया है.  

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आज तक के मुताबिक़, मुनव्वर राणा का कहना है, "जितनी क्रूरता अफगानिस्तान में है, उससे ज्यादा क्रूरता तो हमारे यहां पर ही है. पहले रामराज था, लेकिन अब कामराज है, अगर राम से काम है तो ठीक वरना कुछ नहीं."  

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साथ ही मुनव्वर राणा ने कहा, "हिन्दुस्तान को तालिबान से डरने की ज़रुरत नहीं है, क्योंकि अफगानिस्तान से जो हजारों बरस का साथ है उसने कभी हिन्दुस्तान को नुकसान नहीं पहुंचाया है. जब मुल्ला उमर की हुकूमत थी तब भी उसने किसी हिन्दुस्तानी को नुकसान नहीं पहुंचाया, क्योंकि उसके बाप-दादा हिन्दुस्तान से ही कमा कर ले गए थे."

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मुनव्वर राणा ने कहा कि जितनी एके-47 उनके पास नहीं होंगी, उतनी तो हिन्दुस्तान में माफियाओं के पास हैं. तालिबानी तो हथियार छीनकर और मांगकर लाते हैं, लेकिन हमारे यहां माफिया तो खरीदते हैं.

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बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद भारत का 3 अरब डॉलर का निवेश संकट में है. काबुल में भारत का दूतावास खाली हो चुका है, सभी राजनयिक लौट चुके हैं. दोनों देशों के बीच कारोबार भी ठप है.

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