हरियाणा के सोनीपत स्थित मुरथल के दो प्रसिद्ध ढाबों में हाल में जाने वाले दिल्ली के लोगों को तुरंत आइसोलेशन में चले जाना चाहिए और कोविड-19 की जांच करानी चाहिए. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह कहा. सोनीपत के उपायुक्त श्याम लाल पुनिया ने बताया कि अमरीक-सुखदेव ढाबे के 65 कर्मचारी और गरम धरम ढाबे के 10 कर्मचारियों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि होने के बाद अगले आदेश तक दोनों ढाबों को गुरुवार को सील कर दिया गया.

दोनों ढाबे दिल्ली से 50 किलोमीटर दूर सोनीपत के मुरथल में स्थित हैं. सामान्यत: दिल्ली से बड़ी संख्या में लोग पराठे और अन्य पकवान खाने के लिए इन ढाबों पर जाते हैं.

दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन ढाबों पर जाने वाले लोगों को तुरंत पृथक-वास में चले जाना चाहिए और तीन-चार दिन के बाद जांच करानी चाहिए.

अधिकारी ने कहा, ‘‘राजमार्ग पर स्थित इन ढाबों पर फिलहाल जाना खतरनाक हो सकता है क्योंकि यहां से लोग किसी भी शहर में जा सकते हैं, जिस पर नजर रखना निगरानी टीम के लिए भी बहुत मुश्किल काम है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक संभव हो परिवारों को बाहर नहीं जाना चाहिए. अभी भी स्वास्थ्य आपातकाल की स्थिति बनी हुई है और लोगों को फिलहाल निश्चिंत नहीं होना चाहिए. केवल तभी बाहर निकलना चाहिए जब वास्तव में आवश्यक हो.’’

उन्होंने कहा, “यह लोगों का बहुत गैरजिम्मेदाराना व्यवहार है कि वे बाहर जा रहे हैं जैसे सबकुछ सामान्य हो चुका हो. वे खुद को और अपने परिवारवालों को खतरे में डाल रहे हैं.”

इस बीच सोनीपत जिला प्रशासन ने ढाबों के 75 संक्रमित कर्मचारियों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने का काम बड़े स्तर पर शुरू कर दिया है.

जिला उपायुक्त ने कहा कि कोविड-19 के मद्देनजर समस्त ढाबों को ग्राहकों की संख्या और उनके संपर्क का ब्यौरा दर्ज करने को कहा गया था.

उन्होंने कहा, “इनके आधार पर हम उन ग्राहकों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं जिन्होंने पिछले कुछ दिनों में इन दोनों ढाबों में खाना खाया.”

सोनीपत के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जे एस पुनिया ने कहा कि सुखदेव ढाबे पर संक्रमित पाए गए अधिकांश कर्मचारी वे हैं जो हाल ही में बिहार से आए हैं.