नयी दिल्ली, 23 मई (भाषा) कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के बीच नौसेना विदेश से रविवार को 340 मीट्रिक टन तरल ऑक्सीजन, 3700 से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य चिकित्सकीय सामग्री की खेप भारत लेकर आयी।

सिंगापुर, ब्रुनेई और कतर से दो पोत में चिकित्सकीय सामग्री की खेप लायी गयी है।

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मढवाल ने बताया कि नौसैन्य पोत आईएनएस जलाश्व सिंगापुर और ब्रुनेई से 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन और 3600 से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर विशाखापत्तनम पहुंचा।

विदेश से लायी गयी तरल ऑक्सीजन की यह सबसे बड़ी खेप है। पोत पर वेंटिलेटर, खाली क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर समेत कुछ अन्य चिकित्सकीय सामग्री भी थी।

नौसेना का एक और जहाज त्रिकंड कतर से 40 मीट्रिक टन तरल चिकित्सकीय ऑक्सीजन तथा ऑक्सीजन के 100 सिलेंडर लेकर मुंबई पहुंचा।

कोरोना वायरस महामारी से निपटने में मदद के लिए चलाए जा रहे ‘समुद्र सेतु-दो’ अभियान के तहत दोनों जहाज ऑक्सीजन लेकर आए हैं।

फारस की खाड़ी और दक्षिण-पूर्व एशिया में मित्र देशों से चिकित्सकीय उपकरण और तरल ऑक्सीजन लाने के लिए समुद्र सेतु अभियान के तहत आईएनएस त्रिकंड, आईएनएस जलाश्व समेत नौ जहाज लगाए गए हैं।

भारत में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बाद ऑक्सीजन की जरूरत को पूरा करने के लिए समुद्र सेतु-दो अभियान शुरू किया गया। इसके तहत मुंबई, विशाखापत्तम और कोच्चि में तीनों नौसैन्य कमान के जहाज भेजे गए।

भारतीय वायु सेना भी पिछले कुछ सप्ताह से विभिन्न देशों से क्रायोजेनिक ऑक्सीजन कंटेनर और अन्य चिकित्सकीय उपकरणों की खेप ला रही है। वायु सेना शनिवार को तीन देशों से ऑक्सीजन कंटेनर लेकर आयी।