पणजी, 19 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री श्रीपाद नाईक ने सोमवार को कहा कि देश के समुद्री अधिकारक्षेत्र में सुरक्षा एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नौसेना ने कोविड-19 संकट के दौरान उच्च अभियानगत क्षमता बनाये रखी और उसकी मुद्रा ‘‘युद्ध के लिए तैयार’’ जैसी रही।

नाईक यहां से करीब 30 किलोमीटर दूर वास्को के समीप आईएनएस हंसा सैन्य अड्डे पर पहली स्वदेशी तकनीकी से विकसित उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर एमके तृतीय को भारतीय नौसेना के एयर स्क्वाड्रन 323 के बेड़े में शामिल करने के बाद एक कार्यक्रम संबोधित कर रहे थे।

मंत्री ने कहा कि पिछले साल कई चुनौतियां आयीं। उन्होंने कहा कि सर्वत्र चुनौतियों के अलावा देश ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा स्थिति तथा कोविड-19 महामारी के कारण पड़ने वाले सुरक्षा प्रभावों को देखा। साथ ही इस बात को भी देखा कि इस महामारी ने किस प्रकार अभियानगत, आर्थिक एवं सामाजिक परिदृश्य पर असर डाला।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह ध्यान दिलाते हुए प्रसन्नता होती है कि नौसेना ने इन संकटों के दौरान अभियानगत तैयारियों का उच्च स्तर बनाये रखा और उसकी तैयारी युद्ध जैसी रही तथा उसने अपने समुद्री अधिकारक्षेत्र की सुरक्षा एवं स्थिरता को सुनिश्चित किया।

महामारी के दौरान नौसेना की भूमिका की सराहना करते हुए नाईक ने कहा , ‘‘भारतीय नौसेना ने हिंद-प्रशांत (क्षेत्र) में मित्रों एवं साझेदारों के साथ अपनी राजनयिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के प्रति सभी क्षेत्रीय कटिबद्धताओं को पूरा करने में अहम प्रयास किया। ’’

उन्होंने कहा कि नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में देश के समुद्री पड़ोसियों एवं साझेदारों को कोविड-19 संपर्क एवं सहायता पहुंचाने में अहम भूमिका निभायी।