कोच्चि, 19 अप्रैल (भाषा) भारतीय नौसेना ने अरब सागर के जरिये संचालित होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पाकिस्तान से आने वाली मछली पकड़ने की एक श्रीलंकाई नौका से 3,000 करोड़ रुपये का नशीला पदार्थ जब्त किया है। रक्षा क्षेत्र के एक प्रवक्ता ने सोमवार को यहां यह जानकारी दी।

प्रवक्ता ने बताया कि भारतीय नौसेना का जहाज 'सुवर्ण' अरब सागर में निगरानी गश्त पर था। उन्होंने बताया कि जहाज के कर्मियों ने मछली पकड़ने वाली इस नौका से पांच श्रीलंकाई नागरिकों को भी गिरफ्तार किया।

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बड़ी कार्रवाई है, केवल मात्रा और लागत के संदर्भ में नहीं बल्कि अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी मार्गों को बाधित करने के दृष्टिकोण से भी, जो पाकिस्तान के मकरान तट से शुरू होता है और भारतीय, मालदीव और श्रीलंका गंतव्यों की ओर जाता है।’’

नौसेना के सूत्रों ने बताया कि मछली पकड़ने के जहाज को सोमवार सुबह कोच्चि लाया गया।

सूत्रों ने पीटीआई-भाषा को बताया कि दक्षिणी नौसेना कमान (एसएनसी) में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) सहित विभिन्न एजेंसियों के अधिकारी गिरफ्तार किये गए व्यक्तियों से संयुक्त तौर पर पूछताछ कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि उन्हें आगे की जांच के लिए एनसीबी को सौंप दिया जाएगा।

इससे पहले, प्रवक्ता ने बताया था कि आईएनएस ‘‘सुवर्ण’’ का सामना अरब सागर में गश्त के दौरान मछली पकड़ने वाली एक संदिग्ध नौका से हुआ जो वहां से गुजर रही थी।

उन्होंने कहा, ‘‘नौका की जांच करने के लिए भारतीय नौसेना के जहाज के दल ने उसकी तलाशी ली जिससे उससे 300 किलोग्राम से अधिक नशीला पदार्थ जब्त किया गया।’’

उन्होंने बताया कि जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 3,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया गया है।

प्रवक्ता ने हालांकि यह नहीं बताया कि जहाज से मादक पदार्थ की जब्ती किस स्थान से या किस दिन की गई।

प्रवक्ता ने कहा कि नशीली दवाओं की लत से मनुष्य को होने वाले नुकसान के अलावा मादक पदार्थ व्यापार आतंकवाद, कट्टरता और आपराधिक गतिविधियों में शामिल के सिंडिकेट का वित्तपोषण करता है।

भाषा. अमित माधव

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