राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने ड्रैगन फ्रूट का नाम ‘कमलम’ करने के गुजरात सरकार के फैसले के बाद बुधवार को बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह दिन दूर नहीं जब भगवा पार्टी देश को ‘कमलस्तान’ बोलने लगेगी. NCP के मुख्य प्रवक्ता महेश तापसे ने एक बयान में कहा कि बीजेपी अब ‘‘फलों के जरिए अपनी ब्रांडिंग’’ का प्रयास कर रही है.

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा है कि राज्य सरकार ने ‘ड्रैगन फ्रूट’ का नाम बदलकर ‘कमलम’ करने का फैसला किया है.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तापसे ने कहा, ‘‘बीजेपी फलों के नाम के जरिए अपनी ब्रांडिंग कर रही है. हमें लगता है कि वह दिन दूर नहीं जब वे हिंदुस्तान को कमलस्तान बोलना शुरू कर देंगे." गौरतलब है कि बीजेपी का चुनाव चिह्न कमल है.

रूपाणी ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ने ‘ड्रैगन फ्रूट’ का नाम ‘कमलम’ करने को लेकर पेटेंट के लिए आवेदन किया है. कच्छ, नवसारी और सौराष्ट्र के विभिन्न भागों में इसकी पैदावार होती है.

उन्होंने कहा कि फल का नाम बदलने के पीछे कोई राजनीतिक सोच नहीं है. रूपाणी ने कहा, ‘‘ड्रैगन फ्रूट नाम ठीक नहीं है और इसके नाम के कारण लगता है कि यह चीन का फल है. इसलिए हमने इसका नाम कमलम करने का फैसला किया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘किसानों का कहना है कि यह कमल के फूल की तरह दिखता है और इसी वजह से हमने इसे कमलम नाम देने का फैसला किया है.’’