सुप्रीम कोर्ट ने नीट और जेईई की प्रत्यक्ष परीक्षा के आयोजन की अनुमति देने संबंधी 17 अगस्त के आदेश पर पुनर्विचार के लिये गैर-भाजपा शासित छह राज्यों के मंत्रियों की याचिका सहित सारी याचिकायें शुक्रवार को खारिज कर दीं.

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति बी आर गवई औैर न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने पुनर्विचार याचिका पर अपने चैंबर में विचार किया और न्यायालय में सुनवाई के लिये इसे सूचीबद्ध करने का अनुरोध अस्वीकर कर दिया.

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘‘पुनर्विचार याचिकायें दायर करने की अनुमति संबंधी आवेदनों को अनुमति दी जाती है. हमने पुनर्विचार याचिकाओं और इससे संबंधित दस्तावेजों का सावधानी से अध्ययन किया और हमें पुनर्विचार याचिका में कोई तत्व की बात नहीं मिली. तद्नुसार इसे खारिज किया जाता है.’’

राष्ट्रीय परीक्षा एजेन्सी (एनटीए), जो दोनों परीक्षाओं का आयोजन करती है, जेईई मुख्य परीक्षा एक से छह सितंबर तक आयोजित कर रही है जबकि नीट की परीक्षाओं का आयोजन 13 सितंबर को होगा.

पुनर्विचार याचिकाओं में एक याचिका छह राज्यों के मंत्रियों की भी थी. यह याचिका दायर करने वालों में पश्चिम बंगाल के मलय घटक, झारखंड के रामेश्वर ओरांव, राजस्थान के रघु शर्मा, छत्तीसगढ़ के अमरजीत भगत, पंजाब के बी एस सिद्धू और महाराष्ट्र के उदय रवीन्द्र सावंत शामिल हैं.