नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने देश में घटिया उत्पादों का उत्पादन रोकने और आयात को कम करने के उद्देश्य से साइकिलों में पीछे लगने वाले रिफ्लेक्टर (रंगीन परावर्तक उपकरण) की गुणवत्ता नियंत्रण के नियम मंगलवार को जारी किये।

इनमें साइकिलों में पीछे लगने वाले ये उपकरण नजदीक आने वाले दूसरे वाहनों को दूर से चमकते है। इससे साइकिल चालक की सुरक्षा होती है।

डीपीआईआईटी के मुताबिक इस प्रकार के उपकरणों को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के लाइसेंस के तहत उन पर एक मानक चिह्न रखना होगा और निर्धारित मानकों का अनुपालन करना होगा।

नियम के मुताबिक साइकिल में सुरक्षा की दृष्टि से लगाये जाने वाले ऐसे परावर्तक उपकरणों को बीआईएस चिन्ह के बिना उनका उत्पादन, बिक्री, व्यापार, आयात और भंडारण कुछ भी नहीं किया जा सकेगा।

डीपीआईआईटी का यह आदेश एक जनवरी 2022 से अमल में आयेगा। अधिसूचना में कहा गया है कि गुणवत्ता मानकों के प्रमाणन और उन्हें लागू करने के लिये बीआईएस सक्षम प्राधिकरण होगा।

हालांकि, अधिसूचना में कहा गया है कि -बाइसाइकिल रेट्रो रिफलेक्टिव डिवासेज (क्वालिटी कंट्रोल) आर्डर 2021 -- निर्यात किये जाने वाले सामान और वस्तुओं पर लागू नहीं होगा।

विभाग ने इससे पहले कुछ इस्पात उत्पादों और केबल सहित कई सामानों के लिये इसी प्रकार के नियम जारी किये थे। सरकार गैर- जरूरी 350 से अधिक उत्पादों का आयात कम करने की दिशा में काम कर रही है। यही वजह है कि इनके लिये सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों सहित तकनीकी नियमन पर भी सरकार काम कर रही है।

भाषा

महाबीर मनोहर

मनोहर