जालना, 22 मई (भाषा) महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में एक गन्ने के खेत से जालना पुलिस ने नौ लोगों के एक परिवार को बचाया है जिसमें तीन पुरुषों, दो महिलाएं और चार बच्चे शामिल हैं। इन सभी को वहां पर पिछले दो वर्षों से बंधुआ मजदूर के रूप में रखा गया था। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस निरीक्षक प्रशांत महाजन ने बताया कि ये नौ व्यक्ति मारिया बबलू गुले (40) के परिवार के 11 सदस्यों में शामिल थे जो अच्छी मजदूरी के वादे पर माधा तहसील के सोलपौर स्थित बैरागवाड़ी गांव में एक खेत में गन्ना काटने गए थे।

एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हालांकि, उन्हें जल्द ही बंधुआ मजदूर बना दिया गया और वहां से जाने नहीं दिया गया। गुले की मां और एक महिला रिश्तेदार 5 मई को वहां से भागने में सफल रहीं और जालना पहुंच गई। पुलिस को सतर्क किया गया और महाजन के नेतृत्व में एक टीम ने जाकर शेष नौ सदस्यों को बचाया। गन्ना खेत का काम-काज देखने वाले व्यक्ति और उसके ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।’’

माधा से भागने के बाद परिवार के दो सदस्यों ने सबसे पहले जालना के विधायक कैलाश गोरंटियाल से सम्पर्क किया था। उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि इस तरह की घटनाएं अब भी होती हैं।