केरल राज्य पहले ही कोरोना वायरस से जूझ रहा है. वहीं, अब राज्य में निपाह वायरस ने भी खतरे की घंटी बजा दी ही है. हाल ही में निपाह वायरस की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी. जिसके बाद केरल के कोझिकोड जिले में 3 सितंबर को निपाह वायरस का एक केस भी सामने आया था. स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने रविवार को बताया है कि निपाह वायरस से संक्रमित पीड़ित 12 साल की बच्चे एक अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत हो गई है. पीड़ित लड़के के शरीर से नमूने लिए गए थे जिन्हें पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान भेजा गया था जहां उनमें निपाह वायरस की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी.

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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, 'दुर्भाग्य से लड़के की सुबह पांच बजे मौत हो गई. बच्चे की हालत कल रात को बेहद नाजुक थी. हमने कल रात को कई दल बनाए थे और उन्होंने बच्चे के संपर्क में आए लोगों को खोजना शुरू कर दिया है. बच्चे के संपर्क में आए लोगों को पृथक करने के लिए कदम उठाए गए हैं.'

दक्षिण भारत में निपाह वायरस का पहला मामला केरल के कोझिकोड में 19 मई 2018 को सामने आया था. एक जून 2018 तक इस संक्रमण के 18 मामले सामने आए थे और 17 लोगों की मौत हो गई थी.

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वहीं केरल कोरोना वायरस महामारी से भी बुरी तरह जूझ रहा है. पिछले 24 घंटों में 1,69,237 नमूनों की जांच के बाद शनिवार को 29,682 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं और जांच में पॉजिटिविटी रेट 17.54 फीसदी दर्ज किया गया है. राज्य में कुल एक्टिव मामले 2 लाख 50 हजार 65 हैं. राज्य में इस दौरान 142 लोगों ने कोविड के कारण दम तोड़ दिया.