भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रोत्साहनों की घोषणा की है. वहीं, वित्त मंत्री ने रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए नई आत्मनिर्भर भारत रोगजार योजना की घोषणा की.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि एक लंबे और कड़े लॉकडाउन के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत में जोरदार सुधार देखने को मिल रहा है.

निर्मला सीतारमण ने कहा, आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की घोषणा करते हुए कहाआत्मनिर्भर भारत 3.0 के तहत 12 उपायों की घोषणा होगी. संगठित क्षेत्र में रोजगार को बल मिलेगा. पंजीकृत ईपीएफओ प्रतिष्ठान से जुड़ने वाले कर्मचारी को इसका फायदा होगा. इससे उन लोगों का फायदा मिलेगा जो पहले EPFO से नहीं जुडे थे या जिनकी नौकरी 1 मार्च से 30 सितंबर तक नौकरी चली गई हो. यह 1 अक्टूबर 2020 से लागू होगी जो 30 जून 2021 तक रहेगी.

वित्त मंत्री ने कहा, जिस संस्था में 1,000 या उससे कम कर्मचारी हैं उसमें कर्मचारी के हिस्से का 12% और काम देने वाले के भी भत्ते का 12% का केंद्र सरकार योगदान देगी. जहां 1,000 से ज़्यादा कर्मचारी हैं वहां केवल कर्मचारियों का केंद्र सरकार 12% योगदान देगी. ये अगले दो वर्ष तक लागू रहेगा.

इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECGLS) को 31 मार्च 2021 तक बढ़ाया जाता है. इमरजेंसी क्रेडिट लाइन स्कीम के तहत 61 लाख कर्जदारों को 2.05 लाख करोड़ मंजूरी दी गई है. इसमें से 1.52 लाख करोड़ रुपये वितरित कर दिए गए हैं. इससे उद्योगों को अतिरिक्त कार्यशील पूंजी दी गई.

बैंकों ने 157.44 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं. उन्हें दो चरणों में 143262 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा के तहत 1681 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. नाबार्ड के माध्यम से 25 हजार करोड़ रुपये की कार्यशील पूंजी आवंटित की गई है.