बिहार के सीएम नीतीश कुमार के करीबी माने जानेवाले विजेंद्र यादव ने हाल ही में कहा था कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग नहीं की जाएगी. इस बयान से बिहार की सियासत में हंगामा मच गया था. विपक्षी दल सीएम नीतीश कुमार को घेरना शुरू कर दिया था. लेकिन अब खुद नीतीश कुमार ने अपने ही मंत्री के बयान को खारिज कर दिया है और कहा है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करते रहेंगे. ये काफी पुरानी मांग है जिसपर केंद्र को फैसला लेना है.

नीतीश कुमार ने मीडिया से कहा, यह उनके (विजेंद्र यादव) बोलने का अपना तरीका है. बहुत दिनों से लगातार यह मांग की जा रही है. लेकिन मांग पूरी नहीं हो रही है. तब उन्होंने विशेष सहायता की बात कही है. वह एक अलग बात है. कांग्रेस की सरकार में विशेष दर्जा का दर्जा दिलाने के लिए कमेटी भी बनी. अब बस इस मामले पर केंद्र को निर्णय लेना है. राज्य का विकास होना चाहिए. इसलिए हम लोग शुरू से यह मांग करते रहे हैं.

यह भी पढ़ेंः 'कैप्टन' से नवजोत सिद्धू की नहीं बनती, 1996 में भी भिड़ गए थे, जानें तब क्या हुआ था

वहीं, बिहार में बाढ़ को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा उन्हें लिखे गए पत्र के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हमें कोई पत्र नहीं मिला है. इस दौरान तेजस्वी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि पत्र हमें मिलता ही कहां है. पत्र तो हमसे पहले मीडिया को मिल जाता है.

वहीं, बिहार विधानसभा के शताब्दी समारोह के संबंध में उन्होंने कहा कि समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को आमंत्रित किया गया है. राष्ट्रपति के आगमन को लेकर तैयारियां की जा रही हैं. विधानमंडल परिसर में बोधि वृक्ष लगाया जाएगा और 100 साल पूरे होने के अवसर पर एक स्मृति चिन्ह भी लगाया जाएगा.

यह भी पढ़ेंः सिद्धू पर भड़के मनीष तिवारी, बोले- पंजाब में अस्थिरता से सिर्फ PAK खुश होगा

इसके अलावा उन्होंने जातीय जनगणना के संबंध में केंद्र सरकार का स्टैंड सामने आने के बाद उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक की जाएगी. सब लोगों से बात कर बैठक होगी. राज्य के लिए कुछ करना है और उसके लिए मीटिंग जरूरी है.

यह भी पढ़ेंः इस्तीफे के बाद नवजोत सिद्धू का पहला वीडियो, बोले- दागियों के खिलाफ लड़ाई लड़ता रहूंगा