बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विकास और महिलाओं के सशक्तीकरण के मुद्दे पर राजद नेता लालू प्रसाद पर परोक्ष प्रहार करते हुए बुधवार को कहा कि 15 वर्ष के राजद के शासनकाल में उन्होंने अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाने के अलावा महिलाओं के कल्याण के लिये कोई काम नहीं किया.

पूर्वी चंपारण के केसरिया और सारण के मढौरा में चुनावी रैलियों को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा ‘‘ इन लोगों को (राजद को) 15 साल काम करने का मौका मिला लेकिन किसी के लिये कुछ नहीं किया.’’

राजद नेता लालू प्रसाद का नाम लिए बिना नीतीश ने कहा, ‘‘ 15 साल मौका मिला लेकिन महिलाओं के लिये क्या किया ? अंदर (जेल) चले गए तब अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिया. इसके अलावा बताएं, कि महिलाओं के लिये क्या किया? ’’

मुख्यमंत्री ने राज्य को तरक्की और विकास के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ाने के लिए लोगों से फिर मौका देने की अपील की. कुमार ने आरोप लगाया कि 15 साल मौका मिलने पर विपक्षी दल ने जनता के बजाए सिर्फ अपना हित साधा.

मुख्यमंत्री ने कहा ‘‘ इन लोगों को जब मौका मिला था, तब पंचायत चुनाव तक नहीं करवाये गए. जब पंचायत चुनाव करवाये गए, तब किसी को आरक्षण नहीं दिया गया. लेकिन हमने महिलाओं से लेकर हर वर्ग को आरक्षण दिया, उनका प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया. पहले महिलाओं को अवसर नहीं मिलता था. आज विकास में उनकी बराबरी की भागीदारी है.’’

उन्होंने कहा ‘‘आज राज्य में अपराध दर नीचे जा चुकी है और अपराध के मामले में बिहार देश में 23वें स्थान पर है . राज्य की विकास दर 12 प्रतिशत से अधिक हो गयी है . आज हर घर में बिजली है. गांवों में सोलर लाइट लगाने की योजना है.’’

नीतीश ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग सिर्फ भड़काने और गलतफहमी पैदा करने का काम करते हैं ‘‘लेकिन हम काम करने वाले हैं और हमें किसी बात से फर्क नहीं पड़ता.’’

नीतीश ने कहा ‘‘हम अपराध, भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिकता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे.’’