रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत कोई कमजोर देश नहीं है और दुनिया की कोई भी ताकत उसकी एक इंच जमीन नहीं ले सकती. उन्होंने चीन के साथ सीमा पर चल रहे गतिरोध के मद्देनजर सुरक्षा हालात का जायजा लेने के लिए लद्दाख का दौरा करते हुए यह बात कही.

लुकुंग में सेना और आईटीबीपी के जवानों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में गतिरोध को हल करने के लिए बातचीत चल रही है ‘‘लेकिन मैं इसकी गारंटी नहीं दे सकता कि इससे किस हद तक समाधान निकलेगा.’’

सिंह ने पेंगोंग झील के तट पर स्थित लद्दाख में एक अग्रिम सैन्य चौकी पर कहा, ‘‘भारत कोई कमजोर देश नहीं है। दुनिया में कोई भी ताकत भारत की एक इंच जमीन को भी नहीं छू सकती.’’

उन्होंने 15 जून को गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ झड़पों के दौरान भारत के 20 सैन्यकर्मियों की शहादत का परोक्ष जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हम अपने जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगे.’’ सिंह एक दिवसीय दौरे पर लेह पहुंचे. रक्षा मंत्री के इस दौरे में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत और थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे भी उनके साथ हैं.

पूर्वी लद्दाख में पांच मई से भारत और चीन के सैनिकों के बीच गतिरोध चल रहा है. गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प में भारत के 20 सैन्यकर्मियों के शहीद हो जाने के बाद यह तनाव बहुत अधिक बढ़ गया. हालांकि कई दौर की राजनयिक एवं सैन्य बातचीत के बाद छह जुलाई से दोनों ओर के सैनिक पीछे हटने लगे.