जयपुर, 19 अप्रैल (भाषा) कोरोना महामारी के दौरान मरीजों को बेहतर और सुलभ उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के क्रम में निजी चिकित्सालयों और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के बीच तालमेल के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव सिद्धार्थ महाजन ने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के सबंध में आदेश जारी किये।

उन्होंने बताया कि नोडल अधिकारी 60 व उससे अधिक बिस्तरों वाले निजी चिकित्सालयों में कोरोना मरीजों के लिए 25 प्रतिशत बिस्तर हों, यह सुनिश्चित करेंगे।

नोडल अधिकारी निजी चिकित्सालयों में जारी टीकाकरण की गति बढ़ाने के सबंध में भी प्रयास करेंगे। साथ ही चिकित्सालयों में आने वाले कोविड संक्रमित मरीजों के साथ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 के जरिए आने वाले मरीजों को भी तत्काल बिस्तर उपलब्ध कराने का कार्य करेंगे।

महाजन ने बताया कि जयपुर जिले में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है।

उन्होंने बताया अन्य जिलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति जिला कलेक्टर द्वारा की जाएगी। नोडल अधिकारी के सहयोग के लिए जिला कलेक्टर एक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी या उससे उच्च अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी के तौर पर भी नियुक्त करेंगे।

सचिव ने बताया कि निजी चिकित्सालय यदि मरीज से कोविड-19 के इलाज के लिये तय दर से अधिक की राशि वसूलते है तो इसकी शिकायत की जा सकती है।

इन शिकायतों के निस्तारण के लिए एक कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी में जिला कलेक्टर द्वारा नामित अतिरिक्त जिला कलेक्टर, सीएमएचओ, वरिष्ठ चिकित्सक मेडिसन, वरिष्ठ चिकित्सक सम्मिलित है। कमेटी द्वारा सात दिन के भीतर प्रकरण का निपटारा किया जाएगा।