बॉलीवुड एक्टर और पर्यावरणविद जूही चावला ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि उन्होंने 5G तकनीक के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका क्यों दायर की थी.

जूही चावला ने वीडियो में कहा, "हम 5G के खिलाफ नहीं हैं. हम उसका स्वागत करते हैं. आप इसे प्लीज लेकर आइए. हम बस इतना चाहते हैं कि अथॉरिटी 5G को सुरक्षित घोषित कर दे. हम चाहते हैं कि आप इस पर रिसर्च पब्लिक डोमेन में लेकर आएं. जिससे हमारा जो डर है वो निकल जाए. हम बस ये जानना चाहते हैं कि ये गर्भवती महिलाओं, बच्चों, पेड़-पौधों और जानवरों के लिए सुरक्षित है. हम सिर्फ यही पूछ रहे हैं." 

जूही चावला ने देश में 5G वायरलेस नेटवर्क स्थापित करने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. जिसको खारिज करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट बे पब्लिशिटी बताया था और 20 लाख का जुर्माना लगाया था. 

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बता दें कि जूही चावला, वीरेश मलिक और टीना वाचानी की दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि अगर दूरसंचार उद्योग की 5G की योजना सफल होती है, तो पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति, पशु, पक्षी, कीट और पौधा 24 घंटे और साल में 364 दिन, आरएफ विकिरण के स्तर तक जो आज की तुलना में 10 गुना से 100 गुना अधिक है, जोखिम से बचने में सक्षम नहीं होगा.  

जूही चावला का कहना था कि, कई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि आरएफ रेडिएशन बेहद हानिकारक साबित हो सकता है. ये मनुष्यों के लिए सुरक्षित नहीं है. ऐसे में सरकार ये सुनिश्चित करे कि टेस्टिंग से किसी भी जीवों को किसी तरह का नुकसान नहीं होगा. रिसर्च के साथ जब तक प्रमाणित न हो जाए कि आरएफ रेज किसी को नुकसान नहीं पहुंचाएंगा तब तक भारत में इसके इस्तेमाल पर रोक लगानी चाहिए.

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