टाटा संस ने सरकारी एअरलाइन एअर इंडिया (Air India) के लिए बोली जीती. बिक्री प्रक्रिया में टाटा संस सबसे ज्यादा बोली लगाने वाली कंपनी रही. ANI ने सूत्रों के हवाले से बात की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाले मंत्रिस्तरीय पैनल ने इस बोली को मंजूरी दे दी है. 

भारत की सबसे बड़ी एयरलाइंस में से एक के अधिग्रहण के लिए अंतिम बोली 15 सितंबर को समूह द्वारा दायर की गई थी, जिसके बाद व्यावसायिक एक्सपर्ट्स का मानना ​​था कि टाटा एयरलाइन को खरीदने में सबसे आगे है.

बोली लगाने में दूसरे नंबर पर स्पाइसजेट के प्रमोटर अजय सिंह थे. वित्त मंत्रालय और टाटा संस ने अभी इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. 

निजीकरण के लिए जिम्मेदार सरकारी विभाग, निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव तुहिन कांता पांडे ने एक ट्वीट में कहा कि सरकार ने अभी तक एअर इंडिया के लिए वित्तीय बोलियों को मंजूरी नहीं दी है.

यह भी पढ़ें: राष्ट्रपति कोविंद 76 साल के हुए, पीएम मोदी ने दी बधाई, कही ये बात

उन्होंने ट्वीट किया, "एअर इंडिया विनिवेश मामले में भारत सरकार द्वारा वित्तीय बोलियों को मंजूरी देने वाली मीडिया रिपोर्ट गलत हैं. मीडिया को सरकार के फैसले के बारे में सूचित किया जाएगा."

यदि टाटा की बोली स्वीकार कर ली जाती है, तो टाटा उसी सरकारी एअरलाइन का अधिग्रहण कर लेगा जिसकी स्थापना उसने ही की थी. जहांगीर रतनजी दादाभाई (जेआरडी) टाटा ने 1932 में एअरलाइन की स्थापना की थी. उस समय एअरलाइन को टाटा एअरलाइन्स कहा जाता था.

1946 में टाटा संस के विमानन प्रभाग को एअर इंडिया के रूप में सूचीबद्ध किया गया था और 1948 में एअर इंडिया इंटरनेशनल को यूरोप के लिए उड़ानों के साथ लॉन्च किया गया था.

यह भी पढ़ें: LPG Cylinder Price Hike: जानें 1 अक्टूबर से क्या होगी घरेलू रसोई गैस की कीमत

अंतर्राष्ट्रीय सेवा भारत में पहली सार्वजनिक-निजी पार्टनरशिप में से एक थी, जिसमें सरकार की 49 प्रतिशत, टाटा की 25 प्रतिशत और जनता की शेष हिस्सेदारी थी. 1953 में एअर इंडिया का राष्ट्रीयकरण किया गया था.

एअर इंडिया 2007 में घरेलू ऑपरेटर इंडियन एअरलाइंस के साथ विलय के बाद से घाटे में है. एअरलाइन सफल बोली लगाने वाले को घरेलू हवाई अड्डों पर 4,400 घरेलू और 1,800 अंतरराष्ट्रीय लैंडिंग और पार्किंग स्लॉट के साथ-साथ विदेशों में हवाई अड्डों पर 900 स्लॉट का नियंत्रण देगी. 

यह भी पढ़ें: केवल 50 रुपए के निवेश से बन सकते हैं करोड़पति, अपना सकते हैं ये तरीका