राजस्थान में विधानसभा सत्र बुलाए जाने को लेकर राज्यपाल और गहलोत सरकार आमने सामने हैं. राज्यपाल कलराज मिश्र ने गहलोत सरकार को विधानसभा सत्र बुलाने की अनुमति तो दे दी है. लेकिन इसके लिए कई शर्तें रखी है. वहीं, राजभवन की शर्तों को लेकर कांग्रेस ने कहा है कि राज्यपाल इस तरह से कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं जैसे कोई राजनीतिक पार्टी कर रही हो.

राजस्थान में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, महामहिम दो बार स्पष्टीकरण मांग चुके हैं. अब महामहिम पूछना चाहते हैं कि आप किस गेट से आओगे, वहां कैसे बैठोगे, क्या-क्या बोलोगे, क्या कपड़े पहन कर आओगे. महामहिम राज्यपाल इस तरह से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं जैसे कोई राजनीतिक पार्टी कर रही हो'

राजस्थान में 4 सत्र 10 दिन की नोटिस पर

गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, राजस्थान विधानसभा का ये पांचवा सत्र बुलाया जा रहा है. पहले जो 4 सत्र बुलाए गए थे, वे इन्हीं महामहिम द्वारा 10 दिन से भी कम समय के नोटिस पर बुलाए गए हैं. आज पांचवां सत्र बुलाने में 21 दिन का समय क्यों मांग रहे हैं.

बता दें राजभवन से जारी बयान में विधानसभा सत्र की अनुमति देते हुए कुछ शर्तें रखी है. बयान में कहा गया है कि, राज्यपाल की सलाह है कि विधानसभा सत्र के लिए 21 दिन का नोटिस दिया जाना चाहिए. इसके साथ ही शर्त रखी गई है कि, अगर किसी भी परिस्थिति में विश्वास मत हासिल करने की नौबत आती है तो कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग करायी जाए और विश्वास मत हो या नहीं हो ये बटन के माध्यम से फैसला किया जाए. यह भी सुनिश्चित किया जाये कि ऐसी स्थिति में विश्वास मत का लाइव प्रसारण किया जाए.

वहीं, कोरोना से बचने के लिए 200 विधायकों और कम से कम 100 अधिकारियों की सोशल डिस्टेंसिंग के इंतजामों का खयाल रखा जाए.