गुवाहाटी, 28 अप्रैल (भाषा) असम पुलिस ने बुधवार को दावा किया कि ओएनजीसी का एक कर्मचारी उल्फा (आई) उग्रवादियों के कब्जे में है और वे नगालैंड में छिपे हुए हैं।

विशेष पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा कि ओएनजीसी के लापता कर्मचारी की तलाश की जा रही है और पुलिस बल को सुरक्षा एजेंसियों से लगातार सूचनाएं मिल रही है।

ओएनजीसी के दो अन्य कर्मचारी मोहिनी मोहन गोगोई और अलकेश सैकिया को भारत-म्यांमा सीमा के पास नगालैंड के मोन जिले में मुठभेड़ के बाद 24 अप्रैल को मुक्त करा लिया गया था।

सिंह ने बताया, ‘‘हमें असम राइफल्स, सेना और नगालैंड पुलिस से सूचना मिली है कि रितुल सैकिया अब भी उल्फा (आई) के कब्जे में हैं। उग्रवादी मोन जिले में छिपे हुए हैं। हम जल्द ही सैकिया को मुक्त करा लेंगे।’’

तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के तीनों कर्मचारियों को असम-नगालैंड सीमा के पास शिवसागर जिले में लकवा तेल कुआं के पास से 21 अप्रैल को अगवा कर लिया गया था।