नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) दिल्ली में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से वृद्धि को लेकर लगाए गए लॉकडाउन के दौरान मजदूरों की सुचारू आवाजाही के लिए सरकार द्वारा अपनी महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के निर्माण कार्य को 'आवश्यक सेवाओं' के दायरे में लाने के लिए विपक्षी नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया, 'सेंट्रल विस्टा- जरूरी नहीं। दूरदृष्टि वाली केंद्र सरकार -आवश्यक।’’

इस परियोजना के तहत नए संसद भवन का निर्माण कार्य और राजपथ का पुनरुद्धार किया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस ने 19 अप्रैल को सीपीडब्ल्यूडी के अनुरोध के बाद परियोजना में लगे वाहनों की आवाजाही के लिए अपनी मंजूरी दे दी थी।

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने इस परियोजना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, ‘‘हम विपक्ष के लोग सेंट्रल विस्टा परियोजना की आलोचना क्यों कर रहे हैं? यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण परियोजना है! मोदी के नए कार्यालय के बगल में मोर का एक बगीचा होना चाहिए और शाह को अपने तीन ‘पालतुओं’ के लिए अपने कार्यालय के बगल में एक बरामदा होना चाहिए!'

उन्होंने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘'यही वजह है कि सेंट्रल विस्टा परियोजना की आवश्यकता है। हम, मूर्ख विपक्ष, चाहते हैं कि सेंट्रल विस्टा पर खर्च किए जाने वाले 20,000 करोड़ रुपये भारत के 80 प्रतिशत लोगों को टीका लगाने पर खर्च किए जाएं।’’

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने लॉकडाउन के दौरान भी निर्माण कार्य जारी रखने के लिए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘‘ 'वे जुड़वां की निर्मम जोड़ी हैं। वे हमारा एमपीलैड कोष जारी नहीं कर रहे हैं जिसके माध्यम से हम अपने निर्वाचन क्षेत्रों में मदद कर सकते हैं। सेंट्रल विस्टा और नया संसद भवन प्रतीक्षा कर सकता था, किंतु मोदी जी कोविड से लड़ने के लिए अधिक कोष दीजिए हमारा एमपीलैड कोष जारी करिए।’’