आजकल फल और सब्जियों में मिलावट बहुत होने लग गई है, जिस वजह से हर कोई अपने स्वास्थ्य को लेकर चिंता करने लगा है. मिलावटी चीज़ों की वजह से ऑर्गेनिक फल और सब्जियों की लोकप्रियता भी काफी बढ़ गई है. इसलिए आप भी अपनी सेहत का ख्याल रखना चाहते हैं तो घर में ही शुरू करें ऑर्गेनिक/जैविक खेती. इस पर काम करना बेहद ही आसान है और खर्चा भी ना के बराबर लगता है. आइए जानते है जैविक खेती के बारे में.

यह भी पढ़ेंः  Gardening Tips: घर के गार्डन में आसानी से उगा सकते हैं करी पत्ते का पौधा

जैविक खेती की पुरानी पद्धति है, जो भूमि की प्राकृतिक क्षमता को बनाए रखती है. जैविक खेती से पर्यावरण बिल्कुल शुद्ध रहता है, साथ ही मिट्टी की जल धारण क्षमता भी बढ़ती है. जैविक खेती में रसायनों का उपयोग नहीं किया जाता है और कम लागत पर अच्छी पैदावार दी जाती है.

घर पर की जा सकती है जैविक खेती

अगर आप भी अपने घर में ऑर्गेनिक सब्जियां उगाना चाहते हैं तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है. इन्हें आप घर के आंगन में या फिर छत पर भी उगा सकते हैं. घर पर उगाने के लिए हरा प्याज, भिंडी, टिंडे, टमाटर, हरी मिर्च, चावला की फली, ग्वार की फली, गिल्की, लौकी, करेला, अरबी और पालक आदि बेहतर विकल्प हैं. जैविक खेती करनी है तो मैथी और पालक से शुरुआत करें ये जल्दी और आसानी से बढ़ती हैं.

यह भी पढ़ेंः  Gardening Tips: स्वस्थ जीवन जीना है तो घर में बनाए हर्बल गार्डन, जानें तरीका

ऐसे बनाए जैविक खाद

जैविक खाद के लिए सब्जी और फलों का कचरा, सूखे पत्ते और गाय के गोबर को एक ड्रम में डालकर ढक्कन लगा दें. इन डर्मों की दीवार पर एक छेद होना चाहिए ताकि हवा सड़ सके. एक महीने में खाद तैयार हो जाएगी, जिसे डर्म के नीचे एक बड़ा छेद करके हटाया जा सकता है. आप 30-40 पौधों से शुरुआत कर सकते हैं. बीज की तुलना में नर्सरी से पौधे खरीदना बेहतर है. अगर आपके पास अनुभव है तो आप बीज का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. बर्तन या प्लास्टिक बैग की ऊंचाई 10 से 12 इंच होनी चाहिए. प्लास्टिक की थैलियां ऐसी होनी चाहिए जिनमें छेद हो. प्रत्येक पौधे के नीचे एक प्लेट होनी चाहिए ताकि छत पर पानी रिस न सके. सब्जियों में कीटनाशक की जगह गोमूत्र का प्रयोग करें. पौधों को कीड़ों से दूर रखने के लिए सड़ी हुई छाछ को गोमूत्र के साथ पौधों पर छिड़का जा सकता है.

यह भी पढ़ेंः Gardening Tips: बागवानी का शौक रखनेवालों के पास जरूर होने चाहिए ये 4 पौधे

जैविक खेती से लाभ

कृषकों की दृष्टि से लाभ

भूमि की उपजाऊ क्षमता में वृध्दि हो जाती है. सिंचाई अंतराल में वृध्दि होती है. रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होने से कास्त लागत में कमी आती है. फसलों की उत्पादकता में वृध्दि.

मिट्टी की दृष्टि से

जैविक खाद के उपयोग करने से भूमि की गुणवत्ता में सुधार आता है. भूमि की जल धारण क्षमता बढ़ती हैं. भूमि से पानी का वाष्पीकरण कम होगा.

यह भी पढ़ेंः Gardening Tips: सब्जी के छिलकों से बनाए खाद