कोरोना वायरस के बाद अब उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से रहस्यमयी वायरल बुखार (Viral fever) से बच्चों की मौत की खबर सामने आ रही है. वहीं उत्तर प्रदेश से बुखार के जितने मामले सामने आ रहे हैं, उनमें से एक महीने में ही 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी हैं.

फिरोजाबाद ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों गाजियाबाद, प्रयागराज, कानपुर से भी इस रहस्यमयी वायरल बुखार के मामले आ रहे हैं. इस बुखार के मामले दिल्ली, बिहार , हरियाणा , मध्य प्रदेश , पश्चिम बंगाल से भी आए लेकिन यहां से अभी तक मौत की कोई खबर नहीं हैं. इस वायरल बुखार से बचने के लिए मच्छरों से सभी बचाव करने होगा.

यह भी पढ़ें: किसी चीज को रखकर अगर भूल जाते हैं तो नहीं करें इग्नोर, Alzheimer के इन 5 लक्षणों को पहचानें

बता दें कि इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि बच्चे कोविड-19 लॉकडाउन हट जाने के बाद बाहरी वातावरण के संपर्क में हैं. दूसरा कारण बासी भोजन और प्रदूषित जल हैं. वहीं फ्लू , डेंगू, चिकनगुनिया से लेकर टाइफस जैसे कई तरह के वायरल संक्रमण अगस्त से बच्चों को संक्रमित कर रहे हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनसून के बाद का मौसम इसके लिए जिम्मेदार होता है. इस दौरान डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसे रोग बड़े पैमाने पर होते हैं. वायरल फ्लू के अलावा इस बार डेंगू का प्रकोप भी ज्यादा फैल रहा हैं.

यह भी पढ़ें: मुंह में आ रही दिक्कतों को न करें नजरअंदाज, हो सकता है डायबिटीज के लक्षण

डॉक्टर का कहना है कि इस वायरल बुखार के दौरान बच्चों में बुखार, शरीर में दर्द, पेट संबंधित शिकायत होती हैं. साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि वायरल बुखार के मामलों में वृद्धि के बीच कोविड -19 के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए और किसी को घबराना नहीं चाहिए क्योंकि बुखार का कारण अज्ञात है.

डॉक्टर सलाह देते है कि बच्चों को बचाने के लिए कई सावधानियां बरतनी होंगी. मच्छरों के प्रजनन को रोकना होगा और घरों में पानी जमा नहीं होने देना है. जब भी बच्चे बाहर जा रहे हों तो मच्छर भगाने वाली दवाओं का इस्तेमाल करना है.

यह भी पढ़ें: Sleeping Tips: क्या आपको नहीं आती है अच्छी नींद? सोने से पहले करें ये काम