बिहार में विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आ रहा है. वहीं, बिहार में कोरोना महामारी तेजी से बढ़ रही है और कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं. ऐसे में जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव ने बिहार सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, पूरी सरकार जिसने थाली और ताली बजाया वो आज खुद क्वॉरंटीन है. बीजेपी के 75 नेता कोरोना पॉजिटिव हैं और सीएम निवास में 60 लोग कोरोना प्रभावित हैं. लेकिन फिर भी ये चुनाव की बात कर रहे हैं.

पप्पू यादव ने कहा, अस्पातल आईसीयू बेड, वेंटिलेटर और दवा नहीं है. डिप्टी सेक्रटरी की मौत बेड नहीं मिलने के कारण हो गई. ऐसी महामारी में सत्ता पक्ष के नेता कहां हैं? विधायक, सांसद सभी गायब हैं. इनलोंगो ने जनता को सड़क पर छोड़ अपने आप को घर में कैद कर लिया हैं.

उत्तर बिहार में बाढ़ की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि, नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को गंडक, कोसी, गंगा नदी का दौरा कर स्थिति की पड़ताल करनी चाहिए और जनता को राहत पहुंचाने के लिए तत्काल रूप से कदम उठाने चाहिए. फ्लड फाइटिंग के नाम पर अरबों रुपए हर साल खर्च किए जाते हैं लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं होता. भ्रष्ट नेता और अधिकारी बाढ़ को दुधारू गाय समझते हैं.

उन्होंने कहा, राज्य में जितने पुल और बांध टूटे हैं उनकी जांच हाईकोर्ट के न्यायाधीश के द्वारा होनी चाहिए. साथ ही उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव समेत बीजेपी के सभी नेताओं के आय की जांच होनी चाहिए. इन सभी ने जनता का पैसा लूट कर संपत्ति बनाई है.

पप्पू यादव ने पिछले दो दिनों में उत्तर बिहार के सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज का दौरा कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया तथा शनिवार को गोपालगंज और बेतिया का दौरा करेंगे.

उन्होंने कहा कि वर्चुअल और डिजिटल रैली से जनता को कोई फायदा नहीं है. अभी जनता को चुनाव की जरूरत नहीं है. जनता को मास्क और सैनिटाइजर की जरूरत है जिससे की कोरोना वायरस महामारी से बचा जा सके. सरकार दावा कर रही है कि कोरोना काल में 8434 करोड़ रुपये खर्च हुए. लेकिन जनता को कोई लाभ नहीं मिला है. मैं इसकी सीबीआई जांच के लिए कोर्ट जाउंगा.