नयी दिल्ली, 19 अप्रैल (भाषा) मद्रास बार एसोसिएशन ने अधिकरण सुधार (सुव्यवस्थीकरण और सेवा शर्तें) अध्यादेश 2021 को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है।

इस अध्यादेश के माध्यम से फिल्म प्रमाणन अपीलीय न्यायाधिकरण (एफसीएटी) सहित कुछ अपीलीय न्यायाधिकरणों को भंग कर उनके कार्यों को अन्य मौजूदा न्यायिक निकायों को स्थानांतरित किया गया है।

विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा जारी अध्यादेश को चार अप्रैल को अधिसूचित किया गया।

अध्यादेश के जरिए चलचित्र अधिनियम, कॉपीराइट अधिनियम, सीमा शुल्क अधिनियम, पेटेंट अधिनियम, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण अधिनियम, ट्रेड मार्क अधिनियम, माल के भौगोलिक संकेत (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, पौधों के विविधता संरक्षण एवं कृषक अधिकार अधिनियम, राष्ट्रीय राजमार्ग नियंत्रण (भूमि एवं यातायात) अधिनियम और वित्त अधिनियम में संशोधन किया गया है।

अध्यादेश के तहत चलचित्र अधिनियम में एफएसीटी की जगह अब अपील निकाय उच्च न्यायालय होगा।

एफएसीटी केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से असंतुष्ट फिल्म निर्माताओं के अपील संबंधी मामलों पर सुनवाई के लिए गठित वैधानिक निकाय था।

सरकार ने ऐसे कुछ अधिकरणों को भंग करने के लिए फरवरी में एक विधेयक पेश किया था, जहां बड़े स्तर पर जनता वादी नहीं है।

चूंकि विधेयक को संसद की स्वीकृति नहीं मिल सकी, इसलिए अध्यादेश जारी किया गया।