प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि COVID-19 महामारी से मुकाबला हो या सीमा पार से देश की सुरक्षा को चुनौती देने वाली ताकतें, भारत हर मोर्चे पर समर्थ है और अपनी रक्षा के लिए पूरी मजबूती से हर कदम उठाने में सक्षम भी है.

राजधानी दिल्ली स्थित करियप्पा मैदान में राष्ट्रीय कैडेट कोर की रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश में नक्सलवाद अब सिमट कर कुछ जिलों में ही सीमित रह गया है.

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इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत सहित तीनों सेनाओं के प्रमुख भी उपस्थित थे.

आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर तथा एनसीसी दलों के मार्च पास्ट का निरीक्षण भी किया.

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘बीते साल भारत ने दिखाया है कि वायरस हो या बॉर्डर की चुनौती, भारत अपनी रक्षा के लिए पूरी मजबूती से हर कदम उठाने में सक्षम है. वैक्सीन का सुरक्षा कवच हो या फिर भारत को चुनौती देने वालों के इरादों को आधुनिक मिसाइल से ध्वस्त करना, भारत हर मोर्चे पर समर्थ है.’’

बुधवार को भारत पहुंचे तीन रफाल लड़ाकू विमानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इनमें बीच आसमान में ही ईंधन भरा जा सकता है ओर इनके भारत पहुंचने के क्रम में संयुक्त अरब अमीरात ने हवा में ईंधन भरने का काम किया तो ग्रीस और सऊदी अरब ने इसमें मदद की.

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उन्होंने कहा, ‘‘यह खाड़ी के देशों के साथ भारत की मजबूत होती मित्रता का उदाहरण है.’’

उन्होंने कहा कि आज भारत रक्षा उपकरणों में भी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ चुका है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में एक समय में नक्सलवाद और माओवाद बड़ी समस्या थी और सैकड़ों जिले इससे प्रभावित थे.

उन्होंने कहा, ‘‘सुरक्षा बलों के शौर्य और नागरिकों का साथ होने से उनकी कमर टूट गई. नक्सलवाद आज कुछ जिलों में सिमट कर रह गया है. न सिर्फ नक्सली हिंसाओं में कमी आई है बल्कि प्रभावित क्षेत्रों के युवा देश के विकास में योगदान दे रहे हैं.‘‘

उन्होंने पर्यावरण, जल संरक्षण व स्वच्छता को लेकर एनसीसी की ओर से चलाए जा रहे अभियानों की सराहना की.

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